
जयपुर। राजस्थान के वाणिज्यिक कर विभाग की एसजीएसटी प्रवर्तन शाखा-प्रथम ने कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। जयपुर निवासी किशोर कुमार मूलानी और उनके पुत्र राहुल मूलानी ने फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल आपूर्ति के 9.55 करोड़ रुपये की आईटीसी का अनुचित लाभ उठाया। राज्य से बाहर की 27 फर्जी फर्मों से लगभग 53 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाकर किए गए इस घोटाले से सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। जांच जारी है और बड़े खुलासों की संभावना है।
वाणिज्यिक कर विभाग के मुख्य आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित के निर्देशन में एसजीएसटी की एन्फोर्समेंट शाखा-प्रथम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रु. की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के उपयोग और जीएसटी कर चोरी के मामले में आरोपित को गिरफ्तार किया है।
राज्य कर, प्रवर्तन शाखा-प्रथम की अतिरिक्त आयुक्त शालीन उपाध्याय ने बताया कि बोगस फर्मों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग द्वारा विभिन्न फर्मों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान उजागर हुआ कि ब्रह्मपुरी, जयपुर निवासी किशोर कुमार मूलानी ने अपनी फर्म मैसर्स गोविंद मेटल ट्रेडर्स एवं उनके पुत्र राहुल मूलानी की फर्म मैसर्स साहिल ट्रेडर्स का संचालन कर सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्मों से बिना माल आपूर्ति किए केवल बिलों के आधार पर 9.55 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी प्राप्त कर उसका दुरुपयोग किया।
अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि किशोर कुमार मूलानी ने राज्य के बाहर स्थित 27 फर्जी फर्मों से बोगस बिलों के माध्यम से लगभग 53 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाकर राजस्थान में 9.55 करोड़ रुपये की आईटीसी का अनुचित लाभ लिया जिससे राज्य को भारी राजस्व हानि हुई।
इस मामले में प्रवर्तन शाखा-प्रथम, जयपुर द्वारा किए गए सर्वेक्षण और विस्तृत जांच के बाद, मुख्य आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित द्वारा जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी आदेश जारी किया गया। विशेष आयुक्त जयदेव सीएस के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) शालीन उपाध्याय के पर्यवेक्षण में संयुक्त आयुक्त डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल के नेतृत्व में सहायक आयुक्त दिनेश कुमार सोनी ने किशोर कुमार मूलानी को गिरफ्तार किया।
अतिरिक्त आयुक्त शालीन उपाध्याय ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे भी करोड़ों रुपये की कर चोरी उजागर होने की संभावना है।
इस कार्रवाई में सहायक आयुक्त सज्जन सिंह यादव, राज्य कर अधिकारी हिमांशु लोदी एवं विक्रमादित्य चौहान सहित प्रवर्तन शाखा-प्रथम की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
Published on:
03 Apr 2025 09:23 pm
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