
जयपुर. पुलिस मुख्यालय की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की गिरफ्त में आए जीतू जोड़ी ने बर्खास्त सिपाही प्रवीण जोड़ी के साथ चूरू की एक होटल पर फिरौती के लिए फायरिंग करवाई थी। एजीटीएफ सूत्रों के मुताबिक आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण के इशारे पर यहां गैंग संचालित कर रहे थे।
चूरू में गिरफ्तार हुए लॉरेंस गैंग के सदस्य आदित्य जैन और जीतू जोड़ी से पूछताछ में सामने आया कि व्यापारी को फिरौती वसूलने के डराने के लिए उसकी होटल पर फायरिंग करवाई थी। आरोपी प्रवीण को उसकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस विभाग से पहले ही बर्खास्त कर दिया था। अब चूरू पुलिस के साथ एजीटीएफ की टीम आरोपी प्रवीण को भी तलाश रही है।
गौरतलब है कि गैंगस्टर रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण ने हिस्ट्रीशीटर जीतू जोड़ी के पास दो एके 47 भिजवाई थी। इनमें से एक एके 47 जयपुर के हाथोज निवासी शिवराज सिंह के जरिए धौलपुर के डकैत रामदत्त ठाकुर के भाई जीतू चम्बल को पहुंचाई थी। एजीटीएफ ने जीतू चम्बल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एके 47 बरामद की। पूछताछ के बाद शिवराज सिंह और फिर जीतू जोड़ी को गिरफ्तार किया। आरोपी जीतू जोड़ी ने चूरू में खेत के अंदर दूसरी एके 47 को दबाकर छिपा रखा था। पूछताछ के बाद एजीटीएफ ने दूसरी एके 47 भी बरामद की। मामले में रामदत्त ठाकुर के गिरफ्तार होने के बाद कई अन्य वारदात का खुलासा होने की आशंका जताई गई है।
Updated on:
15 Jun 2025, 6:28 PM IST
Published on:
15 Jun 2025, 6:28 PM IST
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