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Aaj Ka Rashifal 02 April: क्‍या आपको पता है आज के राशिफल में आपके लिए आज क्‍या है? पढ़ें अभी

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ
यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र

यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानौ में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है, जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।
अंकगणित
आज का मूलांक दो है और भाग्यंक चार है 2 और 4 का यह संयोग जहां एक और तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रिया देने वाले दिन के रूप में एनर्जी दिए हुए है, वहीं दूसरी ओर सहयोग का अभाव और मानसिक चिंता के कारण यह निर्णय की स्थिति को भी दर्शाता है। इसलिए आज उन कार्यों को न करें जिनमें आप पूरी तरह सम्‍म‍िलित नहीं को पा रहे हो। अनिश्चय की स्थिति में किए गए कार्य अधिक परेशानी, आर्थिक भार और विवादों की स्थिति को उत्पन्न कर सकता है। मूलांक 2 और 4 वालों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है। वहीं आज के दिन में मूलांक 3 और 5 वाले दूसरों की स्थिति से लाभ उठाने में सफल रहेंगे। मूलांक 8 और 1 वाले अगर विवाद में पड़े तो समस्या गंभीर हो सकती है। मूलांक 1,9 और 6 वालों के लिए सहयोग के साथ आगे बढ़ने का दिन है।

वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
सनसाइन- आज सन साइन की बात करें तो आज जहां एक और भावनात्मक तीव्रता के कारण संवेदनशीलता का स्तर बढ़ा हुआ महसूस करेंगे। वहीं आसपास के वातावरण में दूसरों को लेकर आपसी उत्कंठा बढ़ी हुई महसूस होगी। ऐसी स्थिति में कैंसिरियन और एक्वेरियस उदारता के साथ दूसरों की मदद करने को तत्पर दिखाई देंगे। वहीं लिब्रा और स्कॉर्पियो अपने अंदर के द्वंद से बाहर आने के लिए मशक्कत करते दिखाई देंगे। वर्गो, जैमिनी, सेटेरियस अपने कार्यों के प्रति सजगता से लगे होने के कारण अच्छे परिणाम प्राप्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
मूनसाइन
मूनसाइन में आज पूरे दिन को भावनात्मक ऊर्जा से संचालित होते हुए देखेंगे। आज की स्थिति में भावनात्मक ऊर्जा अपने चरम पर होगी। वहीं जो लोग मानसिक रूप से तनाव या किसी भी प्रकार के ऐग्रेशन से परेशान हैं, उन्हें सांत्वना स्नेह प्रेम और ऊंचे दर्जे की केयर की आवश्यकता होगी। बच्चों को विशेष रुप से भावनात्मक संबल देना होगा। अगर कहीं जीवन साथी के साथ थोड़े संवा हीनता की स्थिति बनी हुई हो तो उसे आज समाप्त करें। इसके साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए प्रयास किए जाने के लिए आज का दिन बहुत ही श्रेष्ठ है।
टैरो कार्ड
आज का कार्ड है द मैजिशियन। इसके मायने यह है की आज का दिन अपने कॉन्शियस अवेयरनेस के लिए और जो मन की आवाज है उस पर काम करने का अपनी एकाग्रता को बढ़ाने का और अपने आस.पास के लोगों के साथ समन्वय बिठााने का दिन है। इसलिए जो भी कार्य आज आपके सामने हो उन पर पूरी तत्परता और क्षमता के साथ कार्य करते हुए सफलता और प्रशंसा दोनों पा सकते हैं। अगर आप अपने कार्यस्थल से बाहर मीटिंग या अन्य किसी योजना के तहत मुलाकातें कर रहे हैं तो, अपनी संपूर्ण एकाग्रता को प्रदर्शित कर ऐसा इंपैक्ट छोड़े की हर हाल में आपकी सफलता सुनिश्चित हो सके। किसी भी प्रकार की योग्यता जो आप में है उसको बाद के लिए बाकी रखने से वांछित परिणाम पाने की स्थिति में कमी आने की संभावना रहेगी इसलिए चाहे मुद्दा भावनात्मक हो या आर्थिक या फिर सामाजिक अपनी संपूर्ण योग्यता से सकारात्मक परिणाम पाने के लिए प्रयत्न करें।
वास्तु टिप्स
समस्‍या- दीवार पर घड़ी लगाते समय किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए?
उपाय- दीवार पर घड़ी लगाते समय इस बात का ख्याल रखें कि यह पूर्व की दिशा पर हो तो सर्वाधिक श्रेष्ठ रहती है। अगर इसके अलावा दूसरी दिशा पर विचार करना हो तो उत्तर दिशा में भी आप दीवार घड़ी लगा सकते हैं । लेकिन दक्षिण दिशा में दीवार घड़ी लगाना उपयुक्त नहीं माना जाता । अगर दीवार घड़ी में से किसी प्रकार के अन्य ध्वनि निकलती हैं तो इसे पश्चिमी दीवार पर भी लगाया जा सकता है। उत्तर की तरफ दिवाल घड़ी लगाते समय इस बात का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए कि इसके रंग हल्के कलर के हों । ब्लैक, ब्लू, डार्क, ब्राउन, या रेड कलर की वॉल क्लॉक उत्तर दिशा में लगाना उपयुक्त नहीं माना जाता । वहीं पश्चिम दिशा में वॉल क्लॉक लगाते समय आप अपने मनपसंद रंगों को समाहित कर सकते हैं । पूर्व की तरफ अगर आप वॉल क्लॉक लगा रहे हैं तो बहुत ही सादा और उपयोगिता की दृष्टि से उसका आकार निर्धारित हो तो ज्यादा श्रेष्ठ कर रहता है । किसी भी हालत में बंद घड़ी दीवार पर नहीं लगानी चाहिए, क्‍योंकि खराब दीवार घड़ी हमारे सौभाग्य को कम करती है।

ज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास, पंचांगकर्ता

मेष:-विचारों पर अंकुश रखें। संतो का सानिध्य प्राप्त होगा। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा।
वृषभ:-आप के कार्य से लोग प्रभावित होंगे। भय, चिंता व तनाव रहेगा। जोखिम न लें। चोट-दुर्घटना, चोरी आदि से हानि संभावित है।
मिथुन:-कार्य स्थल पर अकारण तनाव सम्भव हैं। यात्रा सफल रहेगी। शुभ समाचार मिलेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। धनागम होगा।
कर्क:-लंबे समय से चले आ रहे विवाद आज शांत होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सम्मान बढ़ेगा। निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे।
सिंह:-अपनी आदतों को बदलें। परिजनों का साथ मन को आनंद देगा। हानि से बचें, जोखिम न उठाएं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।
कन्या:-अनजाने में की गई गलती परेशान करेगी। चोरी-चोट-विवाद से हानि संभव। संयम से काम करें। पिता के साथ विवाद सम्भव।
तुला:-दिन की शुरुआत प्रस्न्नता पूर्वक होगी। रुका हुआ धन मिलेगा, यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनुकूल रहेंगे। भय-चिंता सताएगी।
वृश्चिक:-व्यवसाय में विरोधी सक्रिय रहेंगे। दिनचर्या में बदलाव। धन कोष में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ में बदलाव होगा।
धनु:-गृह क्लेश से बचें। अपने आप को बदलें। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। यात्रा संभव है।
मकर:-प्रेम प्रसंग में सफलता के योग हैं। अग्नि-वाहन-मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से बचें। कुसंगति हानि पहुंचाएगी।
कुम्भ:- मानसिक शांति मिलेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। विवेकपूर्ण कार्य लाभ देंगे। प्रतियोगिता में सफल होंगे। वाहन सुख होगा।
मीन:- धार्मिक अनुष्ठानों में रूचि बढे़गी। संपत्ति के कार्यों से लाभ होगा। उन्नति होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। निवेश मनोनुकूल रहेंगे।

आज का दिन , रविवार 02 अप्रैल, 2023
शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: रमजान-10
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: बसन्त
मास: चैत्र
पक्ष: शुक्ल
शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं हैं। द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाह, जनेऊ व अन्य अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं, पर अभी मलमास है, इसके अतिरिक्त गुरु भी अस्त हो रहा है। अत: शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए अभी समय शुद्ध नहीं हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 7-53 बजे से दोपहर 12-30 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा दोपहर बाद 2-03 बजे से अपराह्न 3-35 बजे तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12-06 बजे से दोपहर 12-55 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (म, मी, मू, मे) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते है। इनकी जन्म राशि सिंह है। सिंह राशि के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं। इनका जन्म रजतपाद से है। सामान्यत ये जातक, धनवान, सदा प्रसन्न रहने वाले, चतुर, होशियार, व्यापारादि में कुशल, नौकरी में सफलता व यश प्राप्त करने वाले और कामासक्त भी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 25 वर्ष की आयु के बाद ही होता है। सिंह राशि वाले जातकों को विवादित क्षेत्रों में, कोर्ट-कचहरी के मामलों सफलता मिलेगी। आकस्मिक धन लाभ भी हो सकता है।

शुभ तिथि: द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाह, जनेऊ व अन्य अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं, पर अभी मलमास है, इसके अतिरिक्त गुरु भी अस्त हो रहा है। इसीलिए शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए अभी समय शुद्ध नहीं हैं।

नक्षत्र: मघा ‘‘उग्र व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र संपूर्ण दिवारात्रि है। मघा गंडान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। वैसे मघा नक्षत्र में पैतृक कार्य, वृक्ष-बीजादि रोपण, तालाब, कुआं आदि, विवाह तथान्य साहसिक कार्य करने योग्य है, पर अभी मलमास में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं है। मघा नक्षत्र में जन्मे जातकों की यथा विधि नक्षत्र शान्ति करा लेना जातकों के हित में है।

योग:

शूल नामक नैसर्गिक अशुभ योग अंतरात 3-20 तक, तदंतर गण्ड नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। गण्ड नामक योग की प्रथम छ: घटी शुभकार्यों में त्याज्य है।

विशिष्ट योग: यमघंट नामक अशुभ योग सूर्याेदय से संपूर्ण दिवारात्रि है।

करण: बव नामकरण सायं 5-22 तक, तदन्तर बालवादि करण क्रमश: हैं।

व्रतोत्सव: आज कामदा एकादशी व्रत वैष्णवों का, वंजुली महाद्वादशी व्रत, विष्णु दमनोत्सव, मदन द्वादशी तथा गण्डमूल संपूर्ण दिवारात्रि है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि सिंह राशि में रहेगा।

दिशाशूल: रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल (मध्यममान से): सायं 4-30 से सायं 6-00 बाजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

वारकृत्य कार्य: रविवार को सामान्य रूप से राज्याभिषेक, ललितकला, सीखना, यान यात्रा, पशु क्रय करना, औषध व जड़ी-बूटी संग्रह करना उनका प्रयोग, धातुकार्य, न्यायिक परिचर्चा, शिक्षा-दीक्षा, लेना-देना, यज्ञादि, मन्त्रोपदेश आदि कार्य सिद्ध होते हैं। जो करने योग्य है।

व्रतोत्सव
सोमवार- 3, अप्रेल: सोम प्रदोष व्रत, अनंग त्रयोदशी, श्री महावीर जयंती तथा गण्डमूल प्रात: 7-24 तक।
मंगलवार- 4, अप्रेल: शिवदमनोत्सव चतुर्दशी, नृसिंह दोलोत्सव तथा महापात दोपहर 12-56 बजे से सायं 5-02 बजे तक
बुधवार- 5,अप्रेल: चांद पूर्णिमा व्रत, मन्वादि, गुरु हरकिशन पुण्य दिवस (प्रा. मत में)।
गुरुवार- 6, अप्रेल: चैत्र पूर्णिमा सत्यव्रत, वैशाख स्नान प्रारम्भ, मेला सालासर बालाजी व सत्यपुरी धाम वाटिका, सर्वदेव दमनोत्सव, छत्रपति शिवाजी पुण्य दिवस, जैन ओली समाप्त तथा श्री हनुमान जन्मोत्सव (द. भारत में)।
शुक्रवार-7, अप्रेल: एकलिंग जी का पाटोत्सव उदयपुर , गुडफ्राई डे, मेला महावीर जी समाप्त व विश्व स्वास्थ्य दिवस।
रविवार- 9, अप्रेल: संकष्ट चतुर्थी व्रत, चन्द्रोदय जयपुर में रात्रि 10-04 पर तथा ईस्टर सण्डे।

वार व तारीख
मंगलवार-4, अप्रेल: प्रसूति स्नान पू.फा में।
बुधवार- 5, अप्रेल: नामकरण हस्त में।
गुरुवार-6, अप्रेल: प्रसूति स्नान, विपणि-व्यापारारम्भ, आठवां पूजन, पुंसवन, सीमन्तकर्म, अन्नप्राशन, नामरकरण, हल प्रवहण, शल्य चिकित्सा आदि हस्त व चित्रा नक्षत्रों में।
शुक्रवार-7, अप्रेल: विपणि-व्यापारारम्भ, हलप्रवहण, शल्य चिकित्सा, नामकरण, अन्नप्राशन आदि चित्रा में तथा प्रसूति स्नान के स्वाति में।