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Aaj Ka Rashifal 24 May : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्‍योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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जयपुर

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Shipra Gupta

May 23, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 6 और भाग्यांक 9 है। मूलांक 6, 2 और 4 के सहयोग से बना है। इसके मायने यह है कि आज कलात्मक और भावनात्मक तीव्रता के कारण ऐसे कार्यों में सफलता मिल सकती है जो पिछले दिनों किन्हीं भी कारणों से अटकी हुए या रुके हुए थे। संगीत फिल्म नाट्य लेखन अन्य प्रकार की गतिविधियां जो जिनमें लाभ की अपेक्षा से परिश्रम किया गया था लेकिन पिछले दिनों सफल नहीं हुआ उन पर पुनः प्रयास करके आर्थिक लाभ मिलने की संभावना आज है। मूलांक 1 दो 4, 6, 7 और 9 वालों के लिए आज का दिन बेहतर है वही मूलांक 3,5 और 8 वालों के लिए संभल कर चलने का दिन है।

टैरो कार्ड के अनुसार आज का कार्ड द सन के साथ पेज ऑफ वेंडस है। इसके मायने यह है की आज का दिन किसी खास घटना या विचार के कारण जीवन में बदलाव से प्रेरित रह सकती है। ऐसे लोगों से मुलाकात हो सकती है जो अपनी ऊर्जा से आसपास के लोगों को प्रभावित करते हैं । उत्साह आनंद और सकारात्मकता से जीवन को बदलने की क्षमता रखते हो इसके प्रभाव में आपका जीवन भी उत्सुकता और खुशी के साथ किसी खास निर्णय यह खास व्यक्ति के लिए नई योजना बनाते हुए अपने कल्पना के संसार से बाहर निकल कर के यथार्थ में बहुत बेहतर अनुभव करें।

वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)

सनसाइन के अनुसार आज का दिन एरीज, जैमिनी, लिओ, स्कॉर्पियो और सगिट्टेरियस के लिए आनंद खुशी और कार्यस्थल पर नए साथी मिलने से उत्साह से परिपूर्ण रहेगा। जल्दी-जल्दी नए कार्यों को दिशा मिलने से खोजपूर्ण प्रवृत्ति बढ़ेगी। उच्चाधिकारियों से आज के दिन सही सामान्य से बनने से तनाव रहित कार्य होगा। वहीं टौरस, कैंसिरियन, लिब्रा और कैप्रीकॉर्न अपने कार्यस्थल पर छोटी-छोटी बातों को लेकर संशय और विचार शीलता के कारण कार्यों की प्रगति थोड़ी धीमी रख सकते हैं। आज के दिन का सदुपयोग करने के लिए पहनने में हल्के रंग का उपयोग करना बेहतर रहेगा।


मूनसाइन के अनुसार आज भावनात्मक तौर पर आनंद और विलासिता की चीजों पर धन खर्च होने के साथ छोटी यात्रा या पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न कर दें। ऐसी संभावना है साथी के साथ आज किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा होकर लंबा समय व्यतीत करने के योग भी बन रहे हैं।


कैसा रहेगा व्यापारिक साप्ताहिक राशिफल

व्यापार के लिए आने वाला सप्ताह बहुत तेज गतिविधियों वाला हो सकता है। बाजार में लगातार हलचल रहने से केवल वे लोग लाभान्वित हो सकते हैं। जिन्हें इसका अच्छा अनुभव है या जिनका इनट्यूशन पावर बढ़िया है सप्ताह के प्रथम 2 दिन ऐसे कार्यों में व्यतीत हो सकते हैं। जहां दूरगामी योजनाएं बनाते हुए धन की व्यवस्था करने के लिए वार्ताएं हो। सप्ताह का मध्य काल आगामी समय के लिए व्यापारिक गठजोड़ बनाने पर केंद्रित रह सकता है। सप्ताह के अंत में किसी प्रकार के जोखिम को कम करना लाभकारी रहेगा।

आपका सवाल
प्रश्न: पूजा करते समय पत्नी को दाएं व पति को बाएं ओर बिठाने के पीछे क्या कारण है?

उत्तर: पूजा यज्ञ व सभी प्रकार के धार्मिक कार्यों में पत्नी पति के दाहिने हाथ की ओर बैठती है। सनातन संस्कृति में ऐसा माना जाता है की स्त्री और पुरुष दोनों एक होने पर ही पूर्ण माने गए हैं यानी कोई भी धार्मिक कार्य तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक की उसमें पत्नी की उपस्थिति ना हो। यानी ने पत्नी और ने पति कोई भी धार्मिक कार्यक्रम अकेले पूर्ण नहीं कर सकते या अगर करते हैं तो उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं कर पाते सनातन संस्कृति में स्त्री और पुरुष को बराबर का अधिकार और दर्जा प्राप्त है। भावनात्मक और कर्तव्य परायण ता के कार्यों में पत्नी बाई तरफ होती है क्योंकि उन कार्यों के अंदर पुरुष के लेफ्ट ब्रेन से जुड़े अवयवो गुणो की सक्रियता की अधिक आवश्यकता होती है और स्त्री के राइट ब्रेन से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी करने के लिए ऐसा किया जाता है। वहीं धार्मिक कार्यों में पुरुष के राइट ब्रेन से जुड़ी गतिविधियां प्रभावी रहे और स्त्री के लेफ्ट ब्रेन से जुड़ी गतिविधि ठीक से संचालित हो इसलिए उनके साथ में बैठने के क्रम को पति के दाएं और पत्नी बैठे इसकी व्यवस्था को निर्धारित किया गया। जिससे धार्मिक कार्यों से प्राप्त ऊर्जा को प्राप्त किया जा सके और उसने संचालित होने वाली गतिविधियों को दोनों के द्वारा प्रभावी ढंग से किया जा सके इसलिए ऐसा प्रावधान है।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष :- अपने विचारों पर अंकुश रखें। संतो का सान्निधय प्राप्त होगा। कुसंगति से बचें। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। पार्टी-पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा।

वृषभ:- आपके किए कार्य से लोग प्रभावित होंगे। भय, चिंता व तनाव का कारण रहेगा। जोखिम न लें। चोट-दुर्घटना, चोरी आदि से हानि संभावित है। हनुमान जी महाराज को चोला अर्पण करे कार्य सिद्ध होंगे।

मिथुन:- कार्यस्थल पर अकारण तनाव सम्भव है। यात्रा सफल रहेगी। शुभ समाचार मिलेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। धनागम होगा। अस्वस्थता रह सकती है। राजकार्य से जुड़े लोगों के लिए समय उपयुक्त है।

कर्क:- लंबे समय से चले आ रहे विवाद आज शांत होंगे। गृहस्थ सुख मिलेगा। स्वास्‍थ्य का ध्यान रखें। सम्मान बढ़ेगा। निवेशादि मनोनुकूल लाभ देंगे। मन में किसी प्रकार का संकोच है।

सिंह:- अपनी आदतों को बदलें। परिजन का साथ मन को आनंद देगा। हानि से बचें, जोखिम न उठाएं। धन प्राप्ति सुगम होगी। यात्रा से लाभ होगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे।

कन्या:- अनजाने में हुई गलती परेशान करेगी। व्यवसाय में जोखिम न लें। व्यय वृद्धि होगी। चोरी-चोट-विवाद से हानि संभव है। अपेक्षा न करें। संयम से काम करें। पिता के साथ विवाद सम्भव है।

तुला:- दिन की शुरुआत प्रश्ननतापूर्वक होगी। रुका हुआ धन मिलेगा। यात्रा सफल रहेगी। धनलाभ होगा। निवेशादि मनोनुकूल रहेंगे। भय-चिंता सताएंगे। कर्मचारियों से परेशान रहेंगे।

वृश्चिक:- व्यवसाय में विरोधी सक्रिय रहेंगे। दिनचर्या में बदलाव रहेगा। नई योजना बनेगी। कार्यशैली में बदलाव से लाभ बढ़ेगा। धन कोष में वृद्धि होगी। माता स्वास्थ में बदलाव होगा।

धनु:- गृह कलेश को टालें। स्वयं को बदलें। जीवनसाथी की चिंता रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। तीर्थाटन संभव है। धनप्राप्ति होगी। न्याय पक्ष उत्तम है।

मकर:- प्रेम प्रसंग में सफलता के योग है। अग्नि-वाहन-मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से बचें। कुसंगति हानि पहुंचाएगी, जोखिम न लें। पुराना रोग फिर उभर सकता है।

कुम्भ:- मानसिक शांति मिलेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। अस्वस्थता रहेगी। विवेकपूर्ण कार्य लाभ देंगे। प्रतियोगिता में सफल होंगे। वाहन सुख होगा। संतान सुख सम्भव है।

मीन:- धार्मिक अनुष्ठानों में रूचि बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। संपत्ति के कार्यों से लाभ होगा। उन्नति होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। निवेशादि मनोनुकूल रहेंगे। संतान सुख सम्भव है।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: जिल्काद-3
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: ग्रीष्म
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल

शुभ मुहूर्त: देव प्रतिष्ठा, अन्नप्राशन, नामकरण, मशीनरी प्रा., वाहनादि क्रय करना, गृहारम्भ व गृहप्रवेश, (नक्षत्र त्याज्य), विपणी-व्यापारारम्भ आदि पुनर्वसु नक्षत्र में तथा जलवा, जडूला, कर्णवेध, विद्यारम्भ व पद ग्रहण आदि के पुष्य नक्षत्र में शुभ मुहूर्त हैं। पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 3-01 बजे तक, तदुपरांत षष्ठी नंदा संज्ञक तिथि है। पंचमी तिथि में मांगलिक कार्य, स्थिर व चंचल कार्य सिद्ध होते हैं। किन्तु कर्ज देना शुभ नहीं होता है। षष्ठी तिथि में वास्तु, अलंकारादि व अन्य मांगलिक कार्यादि सिद्ध होते हैं।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 9-01 बजे तक लाभ व अमृत, पूर्वान्ह 10-42 बजे से दोपहर 12-24 बजे तक शुभ तथा अपराह्न 3-46 बजे से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में त्याज्य है।

दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार प्रात: 8-27 बजे तक पश्चिम दिशा व इसके बाद उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: दोपहर 12-00 बजे से दोपहर बाद 1-30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

चंद्रमा: चन्द्रमा प्रात: 8-27 बजे तक मिथुन राशि में तदन्तर कर्क राशि में है।

नक्षत्र: पुनर्वसु ‘चर व तिर्ङ्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र अपरान्ह 3-06 बजे तक तदन्तर पुष्य ‘क्षिप्र व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। पुनर्वसु नक्षत्र में शान्ति, पुष्टता, गमन, अलंकार, घर, व्रतादि, सवारी, विद्या, मशीनरी व कृषि सम्बन्धी कार्य करने योग्य हैं।

योग: गण्ड नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 5-19 बजे तक, तदन्तर वृद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग: कुमारयोग नामक शुभ योग अपराह्न 3-06 बजे तक, तदन्तर रवियोग नामक दोष समूह नाशक शक्तिशाली शुभ योग है।

करण: बव नामकरण दोपहर बाद 1-59 बजे तक, तदुपरांत बालव व कौलव आदि करण क्रमश: है।

व्रतोत्सव: आज श्रुति पंचमी (जैन) तथा महादेव विवाह (ओडिशा में) है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ह, ही, हु, हे, हो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: 8-27 बजे तक जन्मे जातकों की जन्मराशि मिथुन व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्मराशि कर्क है। मिथुन राशि के स्वामी बुध व कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हंै। इनका जन्म रजतपाद से है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, विद्वान, शीतल स्वाभाव, काव्य प्रेमी, माता-पिता की सेवा करने वाले व परोपकारी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 24-25 वर्ष की आयु से होना प्रारम्भ हो जाता है। मिथुन राशि वाले जातकों के स्वास्थ्य में सुधार, सामान्य रूप से धन लाभ होगा। कार्य व्यवसाय में तरक्की होगी। दूर-परे की यात्रा भी संभव है।