
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक और आरपीएससी में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे मामलों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को तोड़ने वालों के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और इस पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एसओजी एवं एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान गत सरकार के कार्यकाल में सामने आए पेपर लीक और आरपीएससी भ्रष्टाचार मामलों में मिले नए तथ्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने इन तथ्यों को बेहद गंभीर बताते हुए विशेष अभियान के तहत जांच तेज करने और दोषियों पर तत्काल एवं कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जांच को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर राज्य विशेष संचालन समूह (एसओजी) के साथ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को भी शामिल किया जाए, ताकि हर पहलू की गहनता से पड़ताल हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि जांच में किसी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदने वाले पेपर लीक गिरोह के खिलाफ अब तक 340 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की मंशा साफ है और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाकर सजा दिलाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि सरकार के कार्यकाल में अब तक 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं और इनमें से एक भी परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का भरोसा बहाल होगा और उन्हें मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलेगा।
Published on:
02 Jan 2026 06:05 am
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