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AAP Rajasthan : ‘वर्चुअल’ प्रदर्शन में कार्यकर्ता बोले, ‘बिजली बिल माफ करो गहलोत सरकार’

-कोरोना संक्रमण काल में बिजली बिलों में राहत की उठ रही मांग, आप राजस्थान ने शुरू किया वर्चुअल कैम्पेन- मुफ्त बिजली की मांग, पार्टी नेता-कार्यकर्ताओं की आवाज़- 'बिजली_बिल_माफ_करो_गहलोत_सरकार', केजरीवाल सरकार में बिजली कीमतों से कर रहे तुलना, प्रियंका गांधी के असम में किए फ्री बिजली वाडे का भी किया जा रहा ज़िक्र  

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AAP Rajasthan demands free electricity during Corona Pandemic

जयपुर।

आम आदमी राजस्थान ने बिजली बिल माफ़ी की मांग को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कोरोना संक्रमण काल होने के कारण आप राजस्थान आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'वर्चुअल' तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है। पार्टी की ओर से हैशटैग 'बिजली_बिल_माफ_करो_गहलोत_सरकार' चलाया जा रहा है जिसमें नेता-कार्यकर्ता और आप पार्टी के समर्थक आज सुबह से ही इसे ट्रेंड करवाने में लगे हुए हैं।

इधर आम आदमी पार्टी के नेता भी प्रदेश में बिजली बिलों को माफ़ किये जाने की पुरज़ोर मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में महंगाई की मार ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। ऐसे में राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बिजली के बिलों को माफ़ करके बड़ी राहत दे सकती है।



आप राजस्थान के प्रदेश सह प्रभारी खेमचंद जागीरदार ने कहा कि जब कांग्रेस का हाई कमांड चुनाव के समय राज्यों में फ्री बिजली की घोषणा कर सकता है तो वहीं राजस्थान में सरकार होने के बावजूद भी कांग्रेस अपने प्रदेशवासियों को बिजली फ्री करके राहत देने की बात क्यों नहीं करती?

आप पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का ज़िक्र करते हुए भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साध रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि हाल ही में प्रियंका गांधी ने असम राज्य में मुफ्त बिजली दिए जाने का चुनावी वादा किया था, लेकिन राजस्थान में उनकी पार्टी की सरकार होने के बाद भी वे यहां ऐसी वकालत नहीं कर रही हैं।

बिजली मुद्दे पर आप पार्टी नेता दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार का भी हवाला दे रहे हैं। उनका कहना है कि केजरीवाल सरकार दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मुहैया करवा रही है, पर राजस्थान में गहलोत सरकार इतनी यूनिट के 1600 वसूल रहे हैं।