
Bullet Train : ‘सिजलिंग स्टॉपर’ के इस्तेमाल से बुलेट ट्रेन पर भूकंप और साइकलोन का नहीं होगा असर
Bombey High Court on bullet train : बॉम्बे हाईकोर्ट से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ( Bullet train project) के लिए 21,997 मैंग्रोव (दलदली जमीन पर उगने वाली झाडिय़ां) काटने की हरी झंडी शुक्रवार को नेशनल हाइ स्पीड रेल कारपोरेशन (एनएचएसआरसी) को मिल गई। पेड़ काटने के खिलाफ दाखिल बॉम्बे एनवायरनमेंटल एक्शन ग्रुप की याचिका खारित करते हुए कोर्ट ने सार्वजनिक हित के मद्देनजर कुछ शर्तों के साथ ये अनुमति दी है।
मैंग्रोव के मुकाबले पांच गुना पेड़ लगाने का वादा
ये मैंग्रोव मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में हैं। एनएचएसआरसी ने काटे जाने वाले मैंग्रोव के मुकाबले पांच गुना पेड़ लगाने का वादा किया है। मैंग्रोव काटने से पर्यावरणीय नुकसान का हवाला देते हुए बॉम्बे एनवायरनमेंटल एक्शन ग्रुप ने एनएचएसआरसी के खिलाफ याचिका लगाइ थी। हाईकोर्ट के फैसले से बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से होगा। राज्य में मैंग्रोव काटने की मनाही है।
पर्यावरण को कितना नुकसान आकलन नहीं
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपाकंर दत्ता और जस्टिस अभय आहूजा की बेंच के समक्ष हुई। एनजीओ बॉम्बे एनवायरनमेंटल एक्शन ग्रुप ने तर्क दिया कि काटे जाने वाले मैंग्रोव के बदले लगाए जाने वाले पौधों ते जीवित रहने की दर के बारे में कोई अध्ययन नहीं किया गया है। पेड़ काटने से पर्यावरण को कितना नुकसान होगा, इसकी भी कोई आकलन रिपोर्ट नहीं है।
गुजरात-महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण पूरा
हाइ स्पीड मार्ग तैयार होने के बाद बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलेगी। दोनों शहरों के बीच 508 किमी दूरी बुलेट ट्रेन से ढाइ घंटे में पूरी होगी। परियोजना के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण लगभग पूरा हो गया है। मुंबई में निजी कंपनी के जमीन अधिग्रहण का मामला हाईकोर्ट में है।
Published on:
09 Dec 2022 09:25 pm
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