
कमलेश अग्रवाल / जयपुर। एसीबी ने विशेष कोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक कोर्ट में आईपीएस मनीष अग्रवाल मामलें में चालान पेश किया। करीबन चार हजार पेजों में अग्रवाल के साथ दलाल नीरज मीना, गोपाल सिंह की मिली—भगत और रिश्वत लेने का पूरा काला चिठ्ठा है। कोर्ट दस्तावेजों से चार्जशीट का पूरे दिन मिलान करते रहे। दस्तावेजों के मिलान नहीं होने की वजह अभियुक्तों के अधिवक्ता को चार्जशीट की प्रति बुधवार को मिलेगी। वहीं अग्रवाल ने हाईकोर्ट में बहन की शादी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत मांगी है जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। गौरतलब है कि निलंबित आरएएस पिंकी मीणा ने भी गत दिनों अपनी शादी का हवाला देकर अंतरिम जमानत ली थी।
एसीबी ने अपने चालान में कहा है कि रिश्वत के लिए सभी मिलकर काम कर रहे थे। संगठित तौर पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मिलकर पूरा संगठन बना रखा था। जहां पर एसडीएम स्तर पर कंपनियों को नोटिस जारी करने के साथ आवश्यक स्वीकृतियां नहीं दी जा रही थी वहीं पुलिस के जरिए चालान करके धमकाया जा रहा था।
मनीष अग्रवाल ने वसूली के लिए दलाल तय कर रखे थे, जिसके जरिए वह वसूली करता था। उसने रिश्वत राशि को लेकर इनसे मासिक बंधी भी बांध रखी थी। दलालों के जरिए अवैध वसूली केस में सबसे पहले नीरज की गिरफ्तारी हुई थी और वह 13 जनवरी से ही जेल में है। कोर्ट चालान के साथ पेश किए गए दस्तावेजाें का मिलान कर रही है और इस प्रक्रिया के पूरा होने पर ही चालान की कॉपी आरोपियों को दी जाएगी।
बहन की शादी के लिए मांगी अंतरिम जमानत
मनीष अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। जिसमें कहा है कि उसकी बहन की 15 मार्च को शादी है इसी वजह से उसको अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।
यह है मामला
आईपीएस मनीष अग्रवाल के दलाल नीरज मीणा को एसीबी ने आरएएस अफसरों के साथ गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद 2 फरवरी को दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। जिसको तीन फरवरी को एसीबी कोर्ट क्रम एक जयपुर में पेश किया गया जहां पर पहले उसे दो दिन के रिमांड पर सौंपा गया। उसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद से ही आईपीएस मनीष अग्रवाल, दलाल नीरज मीणा और गोपाल सिंह तीनों जेल में बंद हैं।
Published on:
09 Mar 2021 10:27 pm
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