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कानून की पालना हुई तो गर्ग 2 साल रहेंगे डीजी

न्यूनतम 2 वर्ष के कार्यकाल का प्रावधान
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कानून की पालना हुई तो गर्ग 2 साल रहेंगे डीजी

ओमप्रकाश शर्मा/जयपुर. राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 और उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना की जाती है तो कपिल गर्ग पुलिस महानिदेशक के पद पर जनवरी 2021 तक यथावत बने रहेंगे। हालांकि उनका सेवाकाल 30 जून को पूरा हो रहा है। कानूनन पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति न्यूनतम 2 वर्ष के लिए होती है। ऐसे में उनका कार्यकाल स्वत: 19 माह और बढ़ सकता है। महानिदेशक के न्यूनतम कार्यकाल की व्यवस्था 6 राज्यों में लागू हो चुकी है। राजस्थान ने अभी इसकी पहल नहीं की है।

खास बात यह है कि यहां अधिकारी वर्ग भी इस मुद्दे पर चुप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही सीबीआइ में निदेशक की नियुक्ति न्यूनतम दो वर्ष के लिए होती है। सीबीआइ में लम्बे विवाद के बाद हटाए गए आलोक वर्मा का सेवाकाल 31 जुलाई 2017 को ही पूरा हो गया था। न्यूनतम 2 वर्ष के कार्यकाल को देखते हुए उन्हें 31 जनवरी तक इस पद पर रहना था। केन्द्र सरकार तय समय से पहले उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही हटा सकी।

इन विशेष परिस्थितियों में हटाया जा सकता है
न्यायालय के आदेश की पालना में बने राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 के अध्याय 3 में भी स्पष्ट उल्लेख है कि पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति न्यूनतम 2 वर्ष के लिए होगी। इससे पहले पुलिस महानिदेशक 6 परिस्थिति में ही हटाया जा सकता है। अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामले में दोषसिद्ध या भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने आरोप विरचित किए हों। वह भारतीय पुलिस सेवा अधिनियम के तहत सेवा से पदच्युत कर दिया गया हो। सेवा से निलम्बित किए जाने पर तथा शारीरिक व मानसिक बीमारी के चलते ड्यूटी के निर्वहन की अक्षमता पर। अधिकारी खुद उस पद से हटना चाहता हो या लिखित प्रशासनिक आकस्मिक स्थिति हो। कपिल गर्ग की नियुक्ति 21 जनवरी को की गई है। कानून की पालना होने की स्थिति में कपिल गर्ग जनवरी 2021 तक इस पद पर बने रह सकते हैं।

कानून की पालना में राजस्थान पीछे
उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना में राजस्थान पीछे है जबकि कई राज्य इस मामले में पहले कर चुके हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में एसके पुरकायस्थ, आंध्रप्रदेश में रामुडु, तेलंगाना में अनुराग शर्मा तथा तमिलनाडु में अशोक कुमार ने सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद भी 2 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है। राजस्थान में इस कानून की पालना नहीं होने में अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। कानून की पालना के लिए किसी ने आवाज नहीं उठाई। केरल में समय से पूर्व हटाए गए डीजी टीपी सेनकुमार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस पर उच्चतम न्यायालय ने उन्हें उस पर यथावत रखने के आदेश दिए थे।