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जयपुर। संसद में स्मोक बम चलाने के मामले में अब राजस्थान में दिल्ली पुलिस को बड़ा सबूत मिला है। जिस सबूत को खोजने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी वह जले हुए मिले हैं। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के नागौर से सभी आरोपियों के फोन के पार्ट्स बरामद कर लिए है। ये बरामदगी ललित झा की निशानदेही पर की गई है। सभी फोन जले हुए हालत में मिले हैं। आरोपी ललित झा के पास सभी आरोपियों के फोन मौजूद थे। उसने पहले सब फोन तोड़े और उसके बाद उसमें आग लगा दी। वहीं, संसद स्मोक कांड के आरोपियों से दिल्ली पुलिस की पूछताछ जारी है। खुलासा हुआ है कि आरोपी देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे। 2 साल से देश के खिलाफ साजिश रची जा रही थी।
बताया जा रहा है कि इस मामले में अब तक छह लोग अरेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें फरार चल रहे ललित मोहन के बारे में जाचं पड़ताल करने के लिए जयपुर जिले के कोठपूतली कस्बे में स्थित एक मकान में दबिश देने दिल्ली पुलिस के जवान आए थे। 13 दिसम्बर की देर रात ही वहां पर दबिश दी गई थी, लेकिन पुलिस के आने से पहले आरोपी वहां से फरार हो गया था। उसके बाद उसकी तलाश के लिए अन्य जिलों में भी सर्च किया गया। लेकिन गुरुवार रात उसने अपने एक साथी के साथ दिल्ली के एक पुलिस थाने में सरेंडर कर दिया।
जांच में सामने आ रहा है कि मुख्य आरोपी ललित घटना के बाद दिल्ली से बस में बैठकर निकल गया। यह बस राजस्थान के नागौर जिले में पहुंची और उसके बाद ललित मोहन झा वहीं उतर गया। वहां पर अपने एक दोस्त महेश के पास पहुंचा। महेश के साथ कुछ समय बिताने क बाद महेश ने ललित को एक होटल में ठहरा दिया। वहां पर ललित ने अपना और अपेन साथियों का मोबाइल फोन और इस मामले से जुड़े फोन नष्ट कर दिए। इनमें सबूत थे। सिमें तोड़ दी गई, मोबाइल फोन तोड़ दिए गए। ये मोबाइल फोन और सिम कहां है इसकी जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम जब नागौर पहुंची तो मोबाइल जले हुए मिले। बताया जा रहा है कि ललित के पास खुद के फोन के अलावा मनारंजन, सागर और नीलम के फोन भी थे।
बता दें कि 13 दिसंबर को संसद भवन पर हुए हमले की 22वीं बरसी थी। दोपहर एक बजे संसद में बीजेपी के सांसद खगेन मुर्मू चर्चा कर रहे थे, तभी विजिटर गैलरी यानी दर्शक दीर्घा से दो शख्स अचानक नीचे कूदे और हंगामा करने लगे। दोनों नारेबाजी की और फिर जूते में छिपाकर रखा गया कलर स्प्रे निकाला और हवा में उड़ा दिया। इससे सांसदों में डर फैल गया। हांलाकि बाद में उनको काबू कर लिया गया। कई सांसदों ने उनको पीट दिया। हाथ अजमाने वालों में सांसद हनुमान बेनीवाल भी थे। इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में सागर शर्मा, मनोरंजन डी, नीलम, अमोल शिंदे, ललित झा समेत अन्य शामिल हैं। सभी की उम्र पच्चीस साल से चालीस साल के बीच है।
Published on:
17 Dec 2023 12:44 pm

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