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29 साल में पहली बार आचार्य सौरभ सागर का जयपुर में मंगल प्रवेश, श्रद्धा—भक्ति का उमड़ा सैलाब

Acharya Saurabh Sagar: आचार्य पुष्पदंत सागर के शिष्य आचार्य सौरभ सागर का 29 वर्षों की तपस्याकाल में पहली बार चातुर्मास को लेकर मंगल प्रवेश हुआ।

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29 साल में पहली बार आचार्य सौरभ सागर का जयपुर में मंगल प्रवेश, श्रद्धा—भक्ति का उमड़ा सैलाब

29 साल में पहली बार आचार्य सौरभ सागर का जयपुर में मंगल प्रवेश, श्रद्धा—भक्ति का उमड़ा सैलाब

जयपुर। आचार्य पुष्पदंत सागर के शिष्य आचार्य सौरभ सागर का 29 वर्षों की तपस्याकाल में पहली बार चातुर्मास को लेकर मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य ने रविवार सुबह मोहनबाड़ी दिगम्बर जैन मंदिर से विहार कर हवामहल, बड़ी चौपड़ पहुंचे, यहां सकल जैन समाज जयपुर आचार्य की अगवानी की। इसके बाद आचार्य ने शोभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश जुलूस शुरू किया।

शोभायात्रा में बग्घी, घोड़े, हाथी, लवाजमे, बैंड-बाजों के साथ पुरुष सफ़ेद परिधान, महिला केसरियां साड़ी पहने शामिल हुईं। शोभायात्रा में भक्त जयकारें लगाते हुए, नाचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा हवामहल से प्रारम्भ होकर जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यू गेट, अजमेरी गेट, एसएमएस हॉस्पिटल के बाहर, नारायण सिंह सर्किल होते हुए भट्टारकजी की नसियां पहुंची। यहां 29 थालों पर आचार्य की पाद प्रक्षालन किए गए। इसके बाद आचार्य ने भगवान महावीर के दर्शन किए। इसके बाद धर्मसभा का आयोजन हुआ। इसमें मंगलाचरण, चित्र अनावारण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट विभिन्न समाज श्रेष्ठीयों ने किए। धर्मसभा में आचार्य के प्रवचन हुए।

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प्रताप नगर में करेंगे चातुर्मास
पुष्प वर्षायोग समिति के प्रचार संयोजक अभिषेक जैन ने बताया कि आचार्य का चातुर्मास प्रतापनगर के सेक्टर आठ स्थित दिगम्बर जैन में मंदिर में चातुर्मास होगा, इसके लिए आचार्य 29 जून को शोभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश करेंगे। 2 जुलाई को आर्चार्य के चातुर्मास का मंगल कलश स्थापना होगी।