5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी जमीन पर बस रहीं अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई, तीन ध्वस्त…आधे-अधूरे एक्शन पर सवाल

जेडीए की प्रवर्तन शाखाअवैध कॉलोनी पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ सड़कें उखाड़ रही है। जबकि, मौके पर निर्माणाधीन मकानों को हाथ भी नहीं लगाया जा रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर। शहर में सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनियों का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने शनिवार को तीन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त किया। हालांकि, कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि जहां सड़कों और कुछ पक्के निर्माणों को तोड़ा गया, वहीं निर्माणाधीन कई मकानों को छोड़ दिया गया।


जानकारी के अनुसार, जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में चार-चार बीघा में विकसित की जा रही सांवरिया धाम और पूजा विहार नाम की अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया। यह करीब आठ बीघा जमीन जेडीए स्वामित्व की बताई जा रही है। इसके अलावा सुमेल क्षेत्र में राधा वल्लभ नगर नाम से विकसित हो रही कॉलोनी को भी ध्वस्त किया गया। इस अवैध कॉलोनी पर जेडीए पहले भी दो बार कार्रवाई कर चुका है, इसके बावजूद भू माफिया सक्रिय हैं।


कार्रवाई के दौरान जेडीए ने कॉलोनियों में डाली गई सड़कों, सीमांकन और कुछ पक्के ढांचों को तोड़ दिया, लेकिन कई निर्माणाधीन मकानों को छोड़ दिया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता तक सीमित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी कार्रवाई से भूमाफियाओं के हौसले कम होने के बजाय और बढ़ सकते हैं।


इधर, अन्य इलाकों में भी अवैध कॉलोनियों का खेल जारी है। आमेर के ठाठर क्षेत्र में 38 बीघा में “प्राइम सिटी” नाम से कॉलोनी बसाई जा रही है। पील़ी तलाई में छह बीघा कृषि भूमि पर “भैरव नगर”, जयसिंहपुरा खोर में 10 बीघा में “आरती नगर-2” और छह बीघा में “श्याम सिटी” नाम से अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें कुछ हिस्सों में सरकारी जमीन भी शामिल है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।