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156 दिन बाद एक बार फिर स्कूल आएंगे छठीं से आठवीं तक के बच्चे

साथ लेकर आना होगा लंच बॉक्सनहीं मिलेगा मिड डे मील

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Sep 19, 2021

156 दिन बाद एक बार फिर स्कूल आएंगे छठीं से आठवीं तक के बच्चे

156 दिन बाद एक बार फिर स्कूल आएंगे छठीं से आठवीं तक के बच्चे


जयपुर।
प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों (government and private schools) में छठी से आठवीं तक के बच्चे 156 दिन बाद सोमवार को स्कूल में ऑफलाइन मोड में अपनी पढ़ाई (studies in offline mode in the school ) कर सकेंगे। कोविड प्रोटोकाल की पालना (cradle of covid protocol ) के साथ पढ़ाई शुरू होगी हालांकि अभी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही स्कूल संचालित की जाएगी। बच्चों को अभिभावकों की सहमति से स्कूल बुलाया जाएगा। बच्चों को टिफिन, पानी की बोटल घर से लानी होगी। स्कूलों में मिड डे मील नहीं मिलेगा, बच्चे अपना लंच भी आपस में शेयर नहीं कर सकेंगे,ना ही पेन, पेंसिल या कॉपी शेयर करने की अनुमति उन्हें मिलेगी। स्कूलों में फिलहाल 50 फीसदी विद्यार्थियों को हर दिन बुलाया जाएगा। क्लास टीचर भी बच्चों के साथ क्लास रूम में बैठकर ही लंच करेंगे। जो बच्चे स्कूल नहीं आएंगे उनकी ऑनलाइन पढ़ाई पूर्ववत जारी रहेगी। स्कूल शुरू होने और छुट्टी के समय शिक्षक स्कूल गेट पर तैनात रहेंगे जिससे भीड़भाड़ की स्थिति ना बने। शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक स्कूल के टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ ही आवागमन के संचालित बस, ऑटो, कैब के चालक का 14 दिन पूर्व कम से कम एक वैक्सीन लगी होनी जरूरी होगी। कक्षा में बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के मुताबिक बिठाया जाएगा। स्कूल में एंट्री से पूर्व हर बच्चे की थर्मल स्क्रीनिंग होगी साथ ही मास्क पहनना सभी के लिए जरूरी होगा।
इन नियमों का करना होगा पालन
: एक ही टेबल पर अगर तीन विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है तो बीच की सीट खाली रहेगी।
: पानी की बोतल साथ लेकर आनी होगी, यदि बच्चे एेसा नहीं करते तो स्कूल उन्हें पानी उपलब्ध करवाएगा।
: सभी के लिए मास्क पहनना होगा जरूरी।
: स्कूल में स्पोट्र्स एक्टिविटी पर रोक रहेगी साथ ही प्रार्थना सभा भी नहीं होगी।

सोशल डिस्टेंस की पालना होगी चुनौती
सरकार ने स्कूल में सोशल डिस्टेंस की पालना करवाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसकी पालना करना स्कूलों के लिए चुनौती से कम नहीं होगा क्योंकि सरकार ने क्षमता के 50 फीसदी बच्चों को बुलाने के निर्देश दिए हैं। ऐसी स्थिति में कम संसाधन वाले स्कूलों में बच्चों को कैसे बिठाया जाएगा। स्कूलों में पहले से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल संचालित हो रहे हैं। यहां सोशल डिस्टेंस की पालना के लिए संस्था प्रधान सभी कमरों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में 8वीं तक की कक्षाएं शुरू होने से संसाधनों की कमी हो सकती है।