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राजधानी में बरपा डेंगू और मलेरिया का कहर,प्रदेशभर में डेंगू के डेढ हजार तो मलेरिया के 7 हजार से ज्यादा हुए मरीज

डेंगू के डेढ हजार तो मलेरिया के 7 हजार से ज्यादा मरीज, राजधानी जयपुर में भी डेंगू के 500 से ज्यादा मरीज
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जयपुर

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Rajesh

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Updated: 4 Oct 2017, 2:38 PM IST

After Swine flu Dengue and malaria woes in the Rajasthan

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प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अभी स्वाइन फ्लू के कहर से उबरा ही नहीं था कि अब लोगों पर डेंगू और मलेरिया का कहर आफत बन कर टूट रहा है। स्थिति ऐसी है कि प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या डेढ हजार से ज्यादा पहुंची चुकी है वहीं मलेरिया के मरीजों की संख्या भी 7 हजार से ऊपर पहुंच गई है। वहीं राजधानी जयपुर में भी डेंगू के 500 से ज्यादा मरीज अभी तक सामने आ चुके है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश का दौर थमने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मौसमी बीमारियों का प्रकोप हुआ है जो इस पूरे माह ही रहेगा।

वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि जब निजी अस्पताल विभाग को मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या नहीं बता रहे हैं प्रदेश में मौसमी बीमारियों के मरीजों का वास्तविक आंकडा क्या है। डेंगू के डेढ हजार तो मलेरिया के सात हजार से ज्यादा मामले स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी। डेंगू और मलेरिया के आंकडे देखें तो प्रदेश में स्वाइन फ्लू के साथ ही मौसमी बीमारियों से हालात भयावय नजर आते है। विभाग के अनुसार प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या डेढ हजार से ज्यादा तो मलेरिया के मरीजों की संख्या सात हजार से उपर पहुंच चुकी है। वहीं मौसमी बीमारियों के मरीजों से इस समय निजी और सरकारी अस्पताल अटे हुए है। मौसमी बीमारियों का प्रकोप छोटे शहरों के बजाय बडे शहरों में ज्यादा है जहां घनी बस्तियां है।

राजधानी जयपुर में भी डेंगू के 500 से ज्यादा मरीज-

वहीं राजधानी जयपुर में भी स्वाइन फ्लू के साथ मौसमी बीमारियों ने भी कहर बरपा दिया है। राजधानी में अब तक डेंगू के 500 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके है। हांलाकि विभाग दावा कर रहा है कि डेंगू और मलेरिया के मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और घर घर सर्वे भी कराया जा रहा है जिससे मरीजों की वास्तवकि संख्या का पता चल सके। विभाग के आंकडों पर उठे सवाल उधर मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या के जो आंकडे स्वास्थ्य विभाग बता रहा है उन पर भी विभाग के अधिकारी ही सवाल उठाने लगे है। असल में जो आंकडे विभाग बता रहा है उससे कहीं ज्यादा प्रदेश में डेंगू और मलेरिया के मरीज प्रदेश में पीडित है। वहीं विभाग के आंकडों में निजी अस्पतालों में उपचार ले रहे मरीजों का आंकडा नहीं है। क्योंकि निजी अस्पताल मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं देते है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या में बढोतरी हुई है। पूरे प्रदेश में एंटी लार्वा गतिविधियां शुरू कर दी गई है। निजी अस्पतालों से भी हम डेंगू और मलेरिया के मरीजों का आंकडा भी ले रहे है।

-डॉ वीके माथुर, निदेशक जन स्वास्थ्य