
पंचायत चुनाव: नाम वापसी के बाद अब परवान चढ़ा प्रचार
जयपुर। प्रदेश के 4 जिलों कोटा, बारां, करौली और श्रीगंगानगर में हो रहे पंचायत और जिला परिषद चुनाव में शनिवार को नाम वापसी के बाद अब चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। वहीं चुनाव प्रचार भी परवान चढऩे लगा है। नाम वापसी के बाद ही प्रत्याशियों ने डोर टू डोर और नुक्कड़ सभाओं के जरिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। आज भी प्रत्याशी नुक्कड़ सभाओं और डोर टू डोर कैंपेन के जरिए मतदाताओं से मत और समर्थन मांग रहे हैं। हालांकि को कोविड प्रोटोकॉल के चलते इस बार बड़ी जनसभा करने और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध है। साथ ही लाउडस्पीकर के जरिए भी प्रत्याशी प्रचार नहीं कर पाएंगे।
10 दिसंबर तक चलेगा चुनाव प्रचार
वहीं पंचायत और जिला परिषद चुनाव में 10 दिसंबर तक चुनाव प्रचार चलेगा। 10 दिसंबर को प्रचार का अंतिम दिन है, ऐसे में प्रत्याशियों के पास केवल 5 दिन का समय है, जिसमें वह पूरी ताकत के साथ मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं।
नुक्कड़ सभा पर फोकस
पंचायत और जिला परिषद चुनाव में प्रत्याशियों का नुक्कड़़ सभाओं पर फोकस है। गली-मौहल्ला में नुक्कड़़ सभाओं के जरिए प्रत्याशी प्रचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि पंचायतों-जिला परिषद चुनाव में शनिवार को नाम नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। नाम वापसी के बाद अब चुनाव मैदान में कुल 2251 उम्मीदवार बचे हैं, जिनमें से 1940 पंचायत समिति सदस्यों के लिए और 305 उम्मीदवार जिला परिषद सदस्यों के लिए है। इसके अलावा 106 जिला परिषद सदस्यों के लिए होने वाले चुनाव में तीन प्रत्याशी नाम वापसी के बाद निर्विरोध चुने गए हैं तो वहीं 568 पंचायत सदस्यों में से 6 सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। इस तरह अब 103 जिला परिषद सदस्यों और 562 पंचायत सदस्य के लिए चुनाव होना है।
Published on:
05 Dec 2021 12:02 pm
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