
जयपुर।
प्रदेश में पोस्ट मानसून की बारिश का दौर जारी है। इस बारिश ने लगभग सभी जिलों में बाजरा, मूंग, ज्वार, मोठ समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सोमवार तक कृषि विभाग के फील्ड अफसरों की रिपोर्ट के अनुसार तीन दिन से चल रही बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान बांसवाड़ा जिले में हुआ है। यहां मक्का, सोयाबीन, उड़द समेत कई फसलों में 73 प्रतिशत से ज्यादा खराबा हुआ है। इसके बाद हाडौती के कोटा, बूंदी और झालावाड़ में सोयाबीन समेत अन्य फसलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा खराब है। सरकार ने बीमा कंपनियों व सभी जिला कलक्टर को सात दिन में फसल खराबे का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन 12 जिलों में सर्वाधिक फसल खराबा
बांसवाड़ा - 73.53
झालावाड़ -55.34
प्रतापगढ़ -53.55
बारां- 50.73
चित्तौड़गढ़ -31.44
कोटा- 25.84
धौलपुर -22.47
झुन्झनुं-19.83
सीकर-30.31
जयपुर-5.63
अजमेर-3.77
(खराबा प्रतिशत में)
फसलों का कुल क्षेत्रफल-
1 करोड़ 62 लाख हेक्टेयर
फसल खराबे का कुल क्षेत्रफल-12 लाख हेक्टेयर से ज्यादा
कुछ प्रमुख फसलों में प्रारंभिक आंकलन के अनुसार खराबा
फसल क्षेत्र खराबा
बाजरा- 4441160 221735
सोयाबीन- 1154040 525666
मक्का- 939730 190460
मूंगफली 312550 37428
किसानों को बीमा के साथ आपदा प्रबंधन से भी राहत
रविवार को टोंक,बूंदी और कोटा जिलों में खेतों में जाकर फसल खराबे का जायजा लेकर जयपुर लौटे कृषि विभाग के प्रमुख सचिव दिनेश कुमार ने सोमवार को बताया कि बीमा कंपनियों और जिला कलक्टरों को सात दिन में सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन के तहत भी फसल खराबे पर मुआवजे का प्रावधान है। प्रभावित किसानों को सहायता विभाग से भी राहत दी जाएगी। जो किसान सरसों की बुआई कर चुके हैं और बारिश से बीज खराब हो गया है, उनको भी राज्य सरकार बीज के मिनीकिट देकर राहत देगी।
आज मुख्य सचिव लेंगी खराबे को लेकर बैठक
प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता के लिए मख्य सचिव उषा शर्मा ने मंगलवार शाम 4 बजे कृषि,आपदा प्रबंधन व सहायता विभाग की बैठक बुलाई है।
Updated on:
11 Oct 2022 10:59 pm
Published on:
11 Oct 2022 10:59 pm
