
उदयपुर होकर कांदला पोर्ट तक माल परिवहन की राह खुलने वाली है। अहमदाबाद-उदयपुर के बीच आमान परिवर्तन का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे कोटा मंडल के विभिन्न फ्रेट टर्मिनलों से वाया उदयपुर होकर कांदला पोर्ट तक माल परिवहन की योजना बना रहा है।
इस रूट से कांदला पोर्ट की दूरी 250 किमी कम हो जाएगी। इससे कांदला पोर्ट तक राजस्थान के कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिले को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वाया उदयपुर होकर इस मार्ग पर नई यात्री ट्रेनें चलने का रास्ता भी खुलेगा। उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन होने से उदयपुर और अहमदाबाद सीधे जुड़ जाएंगे।
रेलवे ने माल परिवहन का लक्ष्य दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वहीं दिल्ली से मुंबई रेलमार्ग पर यात्री ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रतिघंटे होने के साथ ही मालगाड़ियों की रफ्तार में इजाफा होगा। इसका लाभ कोटा मंडल को मिलेगा।
माल लदान बढ़ाने की योजना पर काम शुरू
कोटा रेल प्रशासन ने माल का परिवहन बढ़ाने के लिए बिजनेस डवलपमेंट यूनिट का गठन किया हुआ है। यह यूनिट माल लदान की नई संभावनाओं पर कार्य कर रही है। व्यापारी और उद्यमियों से संपर्क कर रही है। कोटा रेल मंडल में इस समय मांडलगढ़ फ्रेट टर्मिनल से लदान बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अनाज और दाल, खाद, सीमेंट, कंटेनर का परिवहन रेलमार्ग से बढ़ाया जाएगा।
भोपाल के लिए भी 2024 में मिलेगी नई पटरी
कोटा मंडल से वाया उदयपुर के जरिए कांदला पोर्ट तक माल परिवहन की नई राह खुलने के साथ कोटा से भोपाल के लिए सीधी रेल लाइन को भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। डीआरएम पंकज शर्मा ने बताया कि अभी तक 46 किमी रेललाइन बनाने का कार्य पूरा कर लिया है। चालू वित्तीय वर्ष में 51 किमी रेल लाइन बनाने का लक्ष्य और 2024 तक भोपाल तक रेल लाइन का कार्य पूरा हो जाएगा।
कांडला पोर्ट हुआ नजदीक
कोटा से वाया उदयपुर होकर कांदला पोर्ट के लिए माल परिवहन करने पर करीब 250 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। अहमदाबाद-उदयपुर मीटरगेज लाइन का गेज परिवर्तन होने से यह संभव हो जाएगा। रूट का लाभ राजस्थान के बड़े हिस्से को मिलेगा। -पंकज शर्मा, डीआरएम, कोटा रेल मंडल
Published on:
01 Jul 2022 07:57 pm
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