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दिवाली के बाद बिगड़ी राजस्थान के शहरों की आबोहवा, बीकानेर की स्थिति ‘बेहद खराब’

Air Pollution: बीकानेर में 31 अक्टूबर को औषत वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए€यूआइ) 347 के स्तर पर पहुंच गया, जो बेहद खराब है।

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Air Pollution after diwali

गिर्राज शर्मा

Air Pollution in Rajasthan: दिवाली के उत्साह ने प्रदेश के शहरों की आबोहवा खराब कर दी। पटाखों ने यहां की हवा को बिगाड़ कर औसत वायु गुणवत्ता के स्तर को 300 के पार पहुंचा दिया, जो स्वस्थ लोगों के लिए भी बेहद खराब होती है। प्रदेश में कुछ जगहों पर पीएम 2.5 और पीएम-10 का स्तर तो 500 तक पहुंच गया।

बीकानेर में 31 अक्टूबर को औषत वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए€यूआइ) 347 के स्तर पर पहुंच गया, जो बेहद खराब है। वहीं 19 शहरों में औषत वायु गुणवत्ता का स्तर खराब रहा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ऑनलाइन डाटा मॉनिटरिंग के अनुसार प्रदेश में दिवाली पर राजधानी जयपुर सहित अजमेर, भरतपुर, भिवाड़ी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, झुंझुनूं, करौली, नागौर, पाली, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक व उदयपुर की हवा खराब रही, इन सभी शहरों का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए€यूआइ) 250 से 300 के बीच रहा।

वहीं बीकानेर में 24 अ€क्टूबर को ए€यूआइ 197 था, वह दिवाली पर 31 अ€क्टूबर को बढ़कर 347 तक पहुंच गया। हालांकि एक नवंबर को यह घटकर 302 तक आ गया। 31 अ€टूबर को जयपुर के मुरलीपुरा क्षेत्र का भी ए€यूआइ 309 और भिवाड़ी में रीको एरिया का ए€यूआइ 308 तक पहुंच गया। स्वस्थ लोगों के लिए भी यह हवा खराब होती है।

2 नवंबर को कई शहरों में हुआ सुधार, लेकिन श्रीगंगानगर में बिगड़ा

ए€यूआइ का स्तर दिवाली के बाद कई शहरों में सुधार पर आ गया। 2 नवंबर को जयपुर में 242, भिवाड़ी में 218, भरतपुर में 237, चूरू में 179, धौलपुर में 188, जैसलमेर में 150, जालोर में 164, झुंझुनूं में 164, सीकर में 200, बीकानेर में 236 और श्रीगंगानगर में 332 ए€यूआइ रहा। इससे पहले 31 अ€क्टूबर को भीलवाड़ा की हवा संतोष जनक रही। इस दिन यहां का ए€यूआइ 100 रहा। एक नवंबर को भी राजसमंद और भीलवाड़ा की हवा संतोष जनक रही।

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