14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुंबई, पुणे, अहमदाबाद के फेर में जैसलमेर, बीकानेर, उदयपुर को भूले

एयरलाइंस कंपनियां उड़ानों को लेकर नहीं दिखा रहीं रूचि, त्योहारी सीजन भी किया नजरअंदाजराज्य के अलग-अलग शहरों में नहीं शुरू हो पा रही फ्लाइट्स

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Amit Pareek

Nov 04, 2020

फाइल फोटो

फाइल फोटो

जयपुर. अनलॉक में गाइडलाइन के साथ शुरू हुआ हवाई सफर अब भी यात्रियों को राहत नहीं दे पा रहा है। एक तरफ जहां घरेलू उड़ानें आए दिन रद्द हो रही हैं वहीं दूसरी ओर राज्य के बड़े हवाई अड्डों के बीच एयर कनेक्टिविटी की समस्या बरकरार है। इस कारण त्योहारी सीजन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर एयरलाइंस कंपनियां जयपुर से जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और जैसलमेर के बीच उड़ानें शुरू करने में कोई रूचि नहीं दिखा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक महामारी शुरू होने से पहले से जयपुर एयरपोर्ट से जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जैसलमेर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही थीं। लॉकडाउन खुलने के बाद 25 मई से घरेलू विमानों का संचालन फिर शुरू हुआ। धीरे-धीरे एयरलाइंस कंपनियों ने विमान सेवा शुरू की लेकिन वे इंटर स्टेट कनेक्टिविटी की बजाय मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, बैंगलूरु, हैदराबाद समेत बड़े शहरों के लिए उड़ानें संचालित करने में रूचि दिखा रही हैं।

विंटर शिड्यूल भी दिखावे का
अब पर्यटन के साथ त्योहारी सीजन भी शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक एक भी उड़ान राज्य में संचालित नहीं हो रही। इतना ही नहीं 25 अक्टूबर से लागू विंटर शिड्यूल में भी एक भी उड़ान शामिल नहीं की। इससे साफ है कि मार्च तक इन शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी शुरू होना मुश्किल है। इधर कोटा और श्रीगंगानगर के बीच करीब दो साल से उड़ानें बंद हंै। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही उड़ान योजना यहां हवा-हवाई होती नजर आ रही है।

जिम्मेदारों ने आंखें मूंदीं
जानकारी के अनुसार जयपुर एयरपोर्ट पर अभी 32 फ्लाइट्स का शिड्यूल चल रहा है। जिसमें औसतन हर दिन 28 से 30 फ्लाइट्स का संचालन ही हो रहा है। इनमें भी ज्यादातर फ्लाइट्स मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और बैंगलूरु समेत बड़े शहरों के लिए ही है। इंटर स्टेट के नाम पर एक भी फ्लाइट नहीं है। जोधपुर एयरपोर्ट का भी यही हाल है। उदयपुर और बीकानेर एयरपोर्ट पर भी मांग के बावजूद जिम्मेदारों ने आंख मूंद रखी है। जयपुर से उदयपुर और जैसलमेर के लिए चार माह के शिड्यूल में एक-एक उड़ान शामिल की लेकिन वो भी नहीं उड़ सकी।