
ajay makan
फिरोज सैफी/जयपुर।
सत्ता और संगठन को मजबूती देने के लिए प्रदेश प्रभारी अजय माकन की ओर से कांग्रेस और समर्थित विधायकों से दो दिन चलने वाले फीडबैक कार्यक्रम ने गहलोत मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वन टू वन फीडबैक कार्यक्रम के बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन की रिपोर्ट से ही यह तय होगा कि कौन मंत्रिमंडल से बाहर जाएगा और कौन मंत्रिमंडल में रहेगा?
प्रदेश प्रभारी अजय माकन 2 दिन चलने वाले वन टू वन संवाद के बाद विधायकों से मिले फीडबैक के आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार करके कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपेंगे और माकन की रिपोर्ट मिलने के बाद सोनिया गांधी मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल का फैसला लेंगी।
वन टू वन संवाद की वजह
सूत्रों की मानें तो प्रदेश प्रभारी अजय माकन की ओर से वन टू वन संवाद कार्यक्रम के पीछे असली वजह यही है कि सभी कांग्रेस और समर्थित विधायकों से मंत्रियों का फीडबैक लिया जाए और किन-किन मंत्रियों की शिकायतें ज्यादा आई हैं उनकी रिपोर्ट तैयार करके सोनिया गांधी को सौंपी जाए, जिससे कि सोनिया गांधी मंत्रियों पर फैसला लें सकें।
वैसे भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तमाम विधायकों ने एक सुर में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ा था। यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों को सीधे नहीं हटाकर विधायकों के फीडबैक की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल से बाहर करने की रणनीति तैयार की गई है जिससे कि हटाए जाने वाले मंत्रियों की नाराजगी पार्टी नेताओं को झेलनी नहीं पड़े।
फीडबैक कार्यक्रम के दौरान अजय माकन पहला सवाल भी विधायकों से प्रभारी मंत्री को लेकर कर रहे हैं और और साथ ही मंत्रियों के बारे में जो-जो विधायक कह रहे हैं उसे तुरंत अपने आईपैड में नोट कर रहे हैं।
अगस्त के पहले सप्ताह तक मंत्रिमंडल फेरबदल की संभावना
सूत्रों की माने तो वन टू वन फीडबैक कार्यक्रम के बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे और उसके बाद सोनिया गांधी अजय माकन की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल फेरबदल का फैसला लेंगी। कहा जा रहा है कि अगर सोनिया गांधी माकन की रिपोर्ट से संतुष्ट होती हैं तो फिर अगस्त के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।
Published on:
28 Jul 2021 10:06 pm
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