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आ गया अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस का फैसला, दोषियों को मिली उम्रकैद

इन धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करीब पंद्रह लोग घायल हो गए थे। आठ मार्च के बाद कोर्ट को 16 मार्च को फैसला सुनाना था। लेकिन कोर्ट ने 16 मार्च के बाद 18 मार्च की तारीख दी थी।

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राष्ट्रीय जांच प्राधिकरण की विशेष न्यायालय ने बुधवार को बहुचर्चित अजमेर दरगाह बम ब्लास्ट के दो आरोपियों को आजीवन कारावास एवं आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।

विशेष न्यायालय के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने यह फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी भावेश और देवेन्द्र को आजीवन कारावास की सजा दी है। वहीं भावेश पर 10 हज़ार और देवेन्द्र पर पांच हज़ार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।

18 मार्च को किया था कोर्ट में पेश

अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले में भावेश और देवेन्द्र को इससे पहले 18 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया था। 18 मार्च को दोनों पक्षों के वकीलों ने कोर्ट में बहस की थी। उसके बाद जज ने फैसला सुरक्षित रखा था।

गौरतलब है कि दरगाह ब्लास्ट के इस मामले में तीन लोगों पर 8 मार्च को आरोप तय हुए थे। तीसरे आरोपी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। अजमेर की दरगाह में 11 अक्टूबर, 2007 को धमाके हुए थे।

इन धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करीब पंद्रह लोग घायल हो गए थे। आठ मार्च के बाद कोर्ट को 16 मार्च को फैसला सुनाना था। लेकिन कोर्ट ने 16 मार्च के बाद 18 मार्च की तारीख दी थी। मामले में कोर्ट स्वामी असीमानंद समेत सात आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर चुकी है।

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