
- जितेन्द्र सिंह शेखावत-
रामनिवास बाग स्थित राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल को एक दौर में पूरा राजस्थान अजायबघर के नाम से जानता था। दरअसल, सवाई राम सिंह द्वितीय की पुरानी वस्तुओं के संग्रह में गहरी रुचि थी। उन्होंने पहला अजायबघर बादल महल में स्थापित किया था। वर्ष 1866 के दौर में दीवान रहे पं. शिव दीन ने किशनपोल में स्वयं के लिए हवेली बनवाई। पंडितों ने उसमें रहने से मना कर दिया।
सवाई राम सिंह ने उस हवेली के एक भाग में हुनरी मदरसा और दूसरे भाग में बादल महल के अजायबघर को स्थानांतरित कर दिया था। फरवरी, 1876 में प्रिंस अल्बर्ट के जयपुर आने का कार्यक्रम एक साल पहले ही बन गया था। वे तत्कालीन ब्रिटिश शासन के अगले किंग एडवर्ड सप्तम बनने वाले थे। ऐसे में उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पहले से ही शुरू हो गईं।
अंग्रेज अधिकारी डॉ. टी.एच. हैंडले के नेतृत्व में इमारतों के जीर्णोद्धार के काम शुरू हुए। सफेद रंग के जयपुर में गुलाबी रंग किया गया। प्रिंस की यात्रा को यादगार बनाने के लिए 6 फरवरी 1876 को अल्बर्ट ने इस इमारत की नींव रखी।
स्वागत से अभिभूत प्रिंस अल्बर्ट ने जयपुर से लिया जाने वाला टैक्स भी आधा कर दिया। मिस्त्री चंद्र और तारा के निर्देशन में इस इमारत का निर्माण हुआ इसी बीच रामसिंह की मृत्यु हो गई। राम सिंह के बाद गद्दी पर बैठे महाराजा माधो सिंह ने चीफ इंजीनियर स्विंटन जैकब की अगुवाई में फिर से निर्माण शुरू करवाया। उस समय अकाल भी पड़ा था, इसलिए लोगों को रोजगार देने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया गया। 21 फरवरी 18 87 को सर एडवर्ड बेडफोर्ड ने इसका उद्घाटन किया।
Published on:
17 Dec 2022 04:03 pm
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