
Alert : देश के करीब 25 शहर 2030 तक ‘डे जीरो’की कगार पर, इसमें जयपुर शामिल
जयपुर। राजधानी सहित पूरे प्रदेश को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 2025 तक देश में जल संकट बहुत बढ़ जाएगा।कुल 13 राज्यों में पानी का भारी संकट पैदा होने की आशंका है। 2030 तक कई शहर डे जीरो की कगार पर होंगे, इसमें जयपुर भी शामिल है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के करीब 25 शहर 2030 तक ‘डे जीरो’की कगार पर होंगे। डे जीरो' का मतलब, वह दिन जब नल से जल आना बंद हो जाएगा और पीने के लिए लोग पानी को तरसेंगे। ऐसे शहरों में जयपुर, कानपुर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, दिल्ली, मेरठ, बंगलूरू, कोयंबटूर, कोच्ची, मदुरै, चेन्नई, सोलापुर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, मुंबई, जमशेदपुर धनबाद, अमरावती, विशाखापत्तनम, आसनसोल और आगरा जैसे शहर शामिल हैं।
ड्राई जोन राज्य
2021-22 में आई कैग रिपोर्ट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और काफी हद तक उत्तर प्रदेश में 100 फीसदी भूमिगत जल का दोहन हो रहा है। ड्राफ्ट अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (डीईडब्ल्यूएस) के अनुसार देश का 41.82 फीसदी हिस्सा सूखाग्रस्त है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु ड्राई जोन की श्रेणी में आते हैं।
10 करोड़ लोग जल संकट का कर रहे सामना
समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (सीडब्ल्यूएमआई) रिपोर्ट के अनुसार देश के 21 प्रमुख शहरों में लगभग 10 करोड़ लोग जल संकट की भीषण समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 1994 में पानी की उपलब्धता प्रति व्यक्ति 6 हजार घन मीटर थी जो 2025 तक घटकर 1600 घन मीटर रह जाने का अनुमान है। यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार 50 फीसदी से भी कम भारतीयों को स्वच्छ पेय जल मिल पाता है, क्योंकि यहां के भूमिगत जल में फ्लोराइड की मात्रा काफी ज्यादा है। राजस्थान की कई जगह पर फ्लोराइड की समस्या है।
Published on:
24 Apr 2023 09:32 am
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