
जयपुर।
शिक्षा विभाग मिड डे मील और अन्नपूर्णा दूध योजना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रदेशभर में औचक निरीक्षण करेगा। इस औचक निरीक्षण की खास बात यह है कि निरीक्षण से पहले ही इसकी सूचना विभाग की ओर से वायरल की जा रही है। एेसे में सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर विभाग को औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता ही लगाना था तो पहले से सूचना क्यों दी जा रही है?
विशेष रूप से जांच
विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार 7 और 8 अगस्त को यह निरीक्षण होना है। इसकी सूचना मिलने के साथ ही स्कूलें निरीक्षण की पूरी तैयारी में जुट गई हैं। उधर, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील और अन्नपूर्णा दूध योजना के अंतर्गत विद्यालयों में भोजन एवं दूध की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था के बारे में विशेष रूप से जांच की जाएगी।
विशेष दलों का किया है गठन
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि इस औचक निरीक्षण के लिए जिलेवार विशेष दलों का गठन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलक्टरों को भी औचक सघन निरीक्षण में शिक्षा अधिकारियों को सहयोग और समन्वय के लिए कहा गया है। यह दल प्रत्येक जिले की कम से कम 20 फीसदी स्कूलों का रेंडम आधार पर चयन कर निरीक्षण करेंगे। उसके बाद रिपोर्ट विभाग में पेश की जाएगी।
निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति!
बताया जा रहा है कि 27 जुलाई को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर योजनाओं के औचक निरीक्षण के निर्देश जारी किए थे। उसके बाद से ही यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वहीं, शुक्रवार को विभाग की ओर से भी इसकी आधिकारिक जानकारी दे दी गई। जानकारों का कहना है कि संभवतया चहेतों को बचाने के लिए यह सूचना वायरल की गई है।
Published on:
04 Aug 2018 12:30 am
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