
जया गुप्ता/ जयपुर।
राज्य में गांवों से शहरों में जाकर कोचिंग संस्थानों की मोटी फीस भरने में अक्षम युवाओं के लिए सरकार के ऑनलाइन ऐप 'कोचिंग' का काम कर रहे हैं। इन ऐप के माध्यम से युवा पढ़ाई के साथ घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। इसमें सर्वाधिक इस्तेमाल उस 'दिशारी' ऐप का हो रहा है, जिसे शिक्षा विभाग ने 8 महीने पहले लॉन्च किया था। शिक्षा विभाग के लिए शिक्षक व ऐप प्रोग्रामर अलवर के इमरान खान ने दिशारी ऐप विकसित किया था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के वेम्ब्ले स्टेडियम में भारतीय समुदाय को सम्बोधित करने के दौरान इमरान के नाम का ज़िक्र किया था। पीएम ने इमरान के बनाये ऐप्स की सराहना की थी।
उन्होंने शिक्षण के 52 ऐप बनाकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिए हैं। ऐप के माध्यम से सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, गणित, रीजनिंग, सामान्य विज्ञान, कम्प्यूटर, हिंदी व्याकरण आदि का ज्ञान दिया जा रहा है। रोजाना रात को क्विज होती है, जिसमें 15 हजार से ज्यादा प्रश्न हैं।
ऐसे में युवा घर बैठे ऐप की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। रोजाना हो रहे ऑनलाइन टेस्ट में अपने रिजल्ट के जरिए युवा अपना आंकलन कर रहे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के युवा अधिक हैं।
यूं मिल रही युवाओं को राहत
- 2017 के नवम्बर में लॉन्च हुआ था दिशारी ऐप
- 8 महीने में 1.5 लाख युवा डाउनलोड कर चुके हैं दिशारी ऐप
- 44 लाख टेस्ट हो चुके हैं सरकारी ऐप के जरिए
- 8 बजे रात को रोजाना होती है ऐप के जरिए ऑनलाइन परीक्षा
- 5500 से अधिक युवा एकसाथ ऑनलाइन टेस्ट दे रहे हैं रोजाना
(विभागीय आंकड़ों के मुताबिक)
14 तरह के सरकारी ऐप और वेबसाइट हैं पढ़ाई के लिए
- दिशारी
- नेशनल मिशन ऑन लाइब्रेरीज
- नेशनल लाइब्रेरी
- ई-ज्ञानकोष (इग्नू)
- इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आट्र्स (आइजीएनसीए)
- आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया
- नेशनल मिशन फोर मेन्युस्क्रिप्ट्स
- कन्सॉश्र्यम फोर एजुकेशनल कम्यूनिकेशन
- नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी इनहेन्सड लर्निंग (एनपीटीइएल)
- वर्चुअल लैब्स
- शोधगंगा
- स्वयं
- ई-पीजी पाठशाला
- नेशनल डिजीटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया
दिशारी ऐप पर 6 महीने से विशेष फोकस किया जा रहा है। युवाओं के लिए यह काफी मददगार साबित हो रहा है।
- इमरान खान, ऐप डवलपर
इस साल कॉलेजों में डिजीटल एजुकेशन पर फोकस किया जा रहा है। ई-लर्निंग के लिए 14 ऐप व वेबसाइट उपलब्ध हैं।
- आशुतोष एटी पेडणेकर, आयुक्त, कॉलेज शिक्षा
Updated on:
06 Aug 2018 12:37 pm
Published on:
06 Aug 2018 12:35 pm
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