जयपुर।एक छोटे बच्चे को जब स्कूल जाने पर जाति के आधार पर दूसरे बच्चों से दूर बैठाया जाता है तो उसके दिल पर क्या बीतती है, बडा होने के बाद जब उसकी सरकारी नौकरी लगती है और वह अपने कार्यालय जाता है तो कमरे में बिछे कालीन पर उसे कदम नहीं रखने दिया जाता क्योंकि वह सवर्ण नहीं है।कुछ ऐसे ही दृश्य नजर आए शुक्रवार के जवाहर कला केंद्र की सुदर्शन आर्ट गैलेरी में, जहां जयपुर के जाने माने कलाकार चंद्र प्रकाश गुप्ता कीपेंटिंग प्रदर्शनी लगाई गई है। पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया।
गुप्ता ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के जीवन पर आधारित एक पेंटिंग प्रदर्शनी ‘भीमराव से बाबा साहेब एक संघर्ष भरी दास्तां’ उनकी जयंती पर जेकेके में लगाई। इस एग्जिबिशन में गुप्ता ने 20 पेंटिंग्स बाबा साहेब के जीवन पर बनाई है। जिसमें दर्शकों को बाबा साहब के जीवन की पूरी झलक देखने को मिलेगी। गुप्ता बताते हैं कि इन पेंटिंग्स को बनाने के लिए उन्हें बाबा साहब की जीवन पर पूरी रिसर्च की। उन पर लिखी गई किताबें पढी उनके संघर्ष को समझने का प्रयास किया उसके बाद उनके संघर्ष को कैनवास पर उतारा, कैनवास पर इसके लिए वॉटर कलर के साथ मिक्स मीडिया का प्रयोग किया गया है। गुप्ता ने बताया कि इन पेंटिंग्स को पूरा करने में उन्हें तकरीबन 6 माह का समय लगा। वह कहते हैं भीमराव अम्बेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी रहा है। वह किसी भी पार्टी पॉलिटिक्स से दूर हैं यानी ना केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस और अन्य राजनीतिक पार्टियां उन्हें एक समान रूप से प्रेरणादायी मानती हैं ऐसे में उनकी जयंती पर उनके जीवन को कैनवास पर उतारने का प्रयास किया है। जिसे दर्शक भी जरूर पसंद करेंगे।
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पहले भी लगा चुके हैं बाबा साहब पर प्रदर्शनी
गौरतलब है कि चंद्र प्रकाश गुप्ता इससे पूर्व वर्ष 2017 में भी बाबा साहेब के जीवन पर एक प्रदर्शनी लगा चुके हैं। शुक्रवार को लगाई गई प्रदर्शनी उसी का दूसरा संस्करण है। इससे पूर्व गुप्ता ने महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शनी मोहनदास से महात्मा की थीम पर आधारित प्रदर्शनी लगाई थी।
आपको बता दें कि चंद्र प्रकाश गुप्ता को शहीदों के पोट्रेट बनाने के लिए जाना जाता है। वह शहीदों का पोट्रेट बनाते हैं और उसके घर जाकर परिवार जनों को ये कलात्मक धरोहर देकर आते हैं। पिछले तकरीबन 25 साल से अधिक समय से चंद्रप्रकाश यह काम कर रहे है। अब तक 300 के करीब राजस्थान के शहीदों के पोट्रेट चंद्रप्रकाश बना चुके हैं।