
कमलेश अग्रवाल / जयपुर। आमेर में रविवार शाम गिरी बिजली में 11 लोगों ने अपनी जान गवां दी। इसमें तीन दोस्त भी शामिल थे। ये तीनों दोस्त सदा एक साथ ही रहते थे। तीनों ही चूड़ी और लाख के कड़े बनाने का काम करते थे। तीनों एक जैसे चश्मे पहनते, एक जैसे कपड़े लाते थे। रविवार को भी तीनों अपने दो और दोस्तों के साथ घूमने आमेर गए थे और तीनों ही वापस लौटकर नहीं आए। तीनों के जनाजे अलग अलग जरुर उठे, लेकिन वक्त करीबन एक सा था।
इकलौता बेटा नहीं रहा
चारदरवाजा बाहर रहने वाला नाजिम भी चुड़ी बनाने का काम करता था। अपने दोस्तों के साथ आमेर घूमने गया था। हादसे की सूचना के बाद उसके दूसरे दोस्त और रिश्तेदार आमेर पहुंचे। जैसे तैसे नाजीम को तलाशकर अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। नाजिम के पिता गार्ड की नौकरी करते हैं हादसें के बाद से पूरा परिवार बेहद गमगीन है।
दर्द से नहीं उभर रहे
चीनी की बुर्ज में रहने वाले मोहम्मद शमीम का 18 साल का बेटा शोएब हादसे में मारा गया है। उनके पास हादसे की सूचना मिली। इसके बाद मोहल्ले के लोग आमेर पहुंचे। शमीम ने बताया कि उसे पहाड़ी से तलाशकर नीचे लाए लेकिन जान नहीं बची। चूड़ी बनाने का काम करने वाला शोएब परिवार का लाड़ला था।
दोस्तों को बचा रहा था
घाटगेट में रहने वाला शाकिब अपने दोस्तों के साथ बाहर निकला था। परिवारवालों ने मौसम खराब होने पर शाम छह बजे फोन कर पूछा कि कहा है। तब शाकिब ने कहा कि वह सही है और कर्बला में रुका हुआ है लेकिन उस वक्त वह आमेर पहुंच चुका था। शाकिब के पिता मोहम्मद सगीर ने बताया कि पहली बार उसके हल्की चोट आई थी। वह अपने दोस्तों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। इसमें कुछ को बाहर निकालने में सफल भी हो गया। इसी दौरान दुबारा बिजली गिरी और इस बार वह खुद भी बच नहीं सका।
Published on:
12 Jul 2021 10:06 pm
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