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आनंदपाल के दूसरे राज्य में फरारी के लिए सुरक्षित स्थान मुहैया कराने में हाेता था इस शख्स का खास हाथ

एसओजी की रिमांड पर चल रहे आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्र उर्फ गट्टू और गैंग के मोंटी से पूछताछ चल रही है। 

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anandpal singh

जयपुरआनंदपाल सिंह के भाई विक्की उर्फ रुपेंद्रपाल को एसओजी ने बुधवार काे अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने उसे 10 के रिमांड पर एसओजी को सौंप दिया। एसओजी पुलिस ने विक्की को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में एसओजी के इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह राठौड़ पर हमला करने के बाद प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था।

रुपेंद्रपाल भी आनंदपाल से कम नहीं है। वह पूछताछ में एसओजी का सहयोग नहीं कर रहा है। अब एसओजी अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। सीकर के खान मालिक कृपाल सिंह से वसूली के 30 लाख रुपए में से आनंदपाल ने 10 व विक्की 20 लाख रुपए आपस में बांट लिए थे। इस रकम से मोंटी, गट्टू और अन्य को एक भी रुपए नहीं मिला था।

एसओजी की रिमांड पर चल रहे आनंदपाल के चचेरे भाई देवेंद्र उर्फ गट्टू और गैंग के मोंटी से पूछताछ चल रही है। एसओजी मौका तस्दीक के लिए मोंटी व गट्टू को सीकर के खान मालिक कृपाल सिंह की खान पर लेकर गईं।

जहां पर आरोपितों ने आनंदपाल, विक्की और अन्य के साथ मिलकर खान मालिक को धमका कर 30 लाख रुपए की वसूली थी। अन्य खान मालिक व व्यापारियों को भी धमकाकर वसूली की आशंका है, लेकिन अभी तक अन्य कोई पीडि़त सामने नहीं आया है।

आमने-सामने होंगे मोंटी और विक्की
आनंदपाल के दूसरे राज्य में फरारी के लिए सुरक्षित स्थान मुहैया करने में मोंटी का खास हाथ होता था। सीकर में कृपाल और अन्य से वसूली के बाद मोंटी और विक्की कभी नहीं मिले। एटीएस ने मोंटी को बीते साल उदयपुर से दबोचा था। वह देश छोड़कर भागने वाला था। अब पहली बार मोंटी और विक्की आमने-सामने होंगे। दोनों से पूछताछ में आनंदपाल के फरारी के बारे में पता चलेगा।

हर टारगेट तय करता था मोंटी
आनंदपाल गैंग का थिंक टैंक मोंटी था। वह भी हर टारगेट को तय करता था। उसने ही कृपाल सिंह को वसूली के लिए चुना था। एेसे ही अन्य पीडि़तों से वसूली के लिए मोंटी ने भी टारगेट गैंग को दिए थे।

प्रशासन की विफलता
राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने कहा कि आनन्दपाल के एनकाउंटर में शामिल सूर्यवीर सिंह को उसके परिवार व भाईयों के सामने या कानूनी प्रक्रिया में शामिल करना प्रशासन की विफलता का संकेत है। अजमेर जेल में पुलिस निरीक्षक सूर्यवीर सिंह पर आनन्दपाल के भाई विक्की की ओर से जानलेवा हमले बताना राजनीतिक षडयंत्र है। ऐसी जेल में पुलिसकर्मी पर हमला संदिग्ध है।