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सलमान को धमकाने वाले लॉरेन्‍स के पास जा रहे आनंदपाल के गुर्गे

आनंदपाल की गैंग के गुर्गों को नया आका मिल गया है।
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anandpal singh

सलमान को धमकाने वाले लॉरेन्‍स के पास जा रहे आनंदपाल के गुर्गे

जेल से ही ऑपरेट कर रहा है गैंग, झोटवाड़ा से पकड़े गए बदमाशों ने किया खुलासा
जयपुर
राजस्थान पुलिस की परेशानी आनदंपाल के एनकाउंटर के बाद कुछ हद तक कम जरूर हुई थी, लेकिन अब परेशानी फिर से बढऩे लगी है। दरअसल आनदंपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसकी गैंग के अधिकतर गुर्गों को दबोच लिया था, जो नहीं पकड़े गए थे वे दूसरे राज्यों में भाग छूटे थे, लेकिन अब बताया जा रहा है कि आनंदपाल की गैंग के गुर्गों को नया आका मिल गया है। आका है प्रदेश की जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई। पिछले दिनों जब एटीएस ने झोटवाड़ा से बड़ी गैंग पकड़ी थी तब उससे पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ है। अब इस खुलासे के बाद पुलिस और जेल दोनों विभाग के अफसरों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है।

पंजाब-हरियाणा भागे गए थे बदमाश
दरअसल पिछले महीने के अंत में एसओजी ने झोटवाड़ा से सात बदमाशों की एक बड़ी गैंग पकड़ी थी। इनकी नजर में पांच करोड़ रुपए का सोना था, जिसे ये लूटने की पूरी तैयारी कर चुके थे, लेकिन इस बार पहले ही पुलिस टीम पहुंची और इनको धर लिया। इनमें हरियाणा के दो वांटेड बदमाश भी शामिल हैं। इन बदमाशों ने पूछताछ में एसओजी अफसरों को बताया कि पिछले साल जब आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ और शेखावटी क्षेत्र में भारी सख्ती हुई थी तब आनंदपाल की गैंग से जुड़े अधिकतर बदमाशों ने हरियाणा और पंजाब में शरण ली थी।

लॉरेंस गैंग के बदमाश राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय

जैसे-जैसे पुलिस की सख्ती कम हुई ये बदमाश फिर से राजस्थान आने लगे और इन बदमाशों ने लॉरेस गैंग को ज्वाइन किया। एसओजी और राजस्थान पुलिस के अफसरों का मानना है कि वर्तमान में लॉरेंस गैंग के बदमाश राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय हैं। इनका वर्चस्व शेखावाटी, मारवाड़ क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है।
विदेशी सिमों के जरिए जेल से ही

गैंग ऑपरेट करता है लॉरेंस
जोधपुर में बड़े कारोबारियों पर पिछले साल फायर करने के आरोप में जोधपुर पुलिस की पकड़ में आया लॉरेंस जेल में बंद होने के बाद भी कई बार चर्चा में आ चुका है। सबसे पहले उसे अजमेर की घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद किया गया था, जिस दिन उसे बंद किया गया था उसके दो दिन के बाद ही जेल में दो सिमें भी पहुंच गई। दोनों विदेशी नंबर थे। उनसे बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले। नतीजा यह रहा है कि उसे जोधपुर जेल शिफ्ट किया गया, वहां भी वह फेसबुक चलाने और फोन यूज करने में शामिल पाया गया।