
Animal Health Initiative: जयपुर. राजस्थान में शूकरों में होने वाले अत्यंत संक्रामक और घातक रोग क्लासिकल स्वाइन फीवर (सीएसएफ) की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग द्वारा सीएसएफ टीकाकरण अभियान के तीसरे राउंड के दूसरे चरण की शुरुआत एक जनवरी से की जा रही है। यह राज्यव्यापी अभियान एक फरवरी तक सभी जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जाएगा।
निदेशक पशुपालन डॉ. सुरेशचंद मीना ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयावधि में जिले में उपलब्ध शूकर वंशीय पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि क्लासिकल स्वाइन फीवर एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है, जिसमें शूकरों की मृत्यु दर काफी अधिक होती है, जिससे सुअर पालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय समय पर टीकाकरण है।
डॉ. मीना ने सभी सुअर पालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके और शूकरों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान राज्य में पशु स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, रोग नियंत्रण तथा सुअर पालन के क्षेत्र में सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उल्लेखनीय है कि क्लासिकल स्वाइन फीवर से प्रभावित शूकरों में तेज बुखार, कमजोरी, भूख न लगना, दस्त होना, तथा रक्तस्राव के कारण कान, गर्दन और पेट पर चाकलेटी या नीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं और गंभीर स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है। इस अभियान का उद्देश्य रोग से होने वाली आर्थिक क्षति को कम कर पशुपालकों की आजीविका को सुरक्षित करना है।
Published on:
31 Dec 2025 03:09 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
