
जयपुर। भारतीय राजनीति में परिवारवाद संभवत: सबसे चर्चित शब्द है। लेकिन ऐसे भी उदाहरण हैं जब एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग पार्टियों से मुकाबले में उतरते हैं। इस बार राज्य के विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर ऐसा ही सियासी फैमेली ड्रामा सामने आ रहा है। घर-परिवार के सदस्य ही जब एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हों तो मुद्दे भी रोचक हो जाते हैं। लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच दोराहे के हालात बन जाते हैं। इस बार सबसे चर्चित सियासी फैमेली ड्रामे की बात करें तो बीकानेर पश्चिम सीट से इस बार जीजा भाजपा प्रत्याशी डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी का मुकाबला अपने सालेकांग्रेस प्रत्याशी डॉ. बी.डी. कल्ला से हो रहा है। कुछ अन्य सीटों पर मामा-भांजी, चाचा-भतीजी आमने-सामने हैं।
बीकानेर पश्चिम: साला-जीजा में आमना-सामना
सालाऔर जीजा इस बार चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। इनके रिश्तेदार चुनाव के वक्त एक-दूजे का सहयोग करते दिखाई देते हैं। पश्चिम विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी एवं कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. बी.डी. कल्ला का आपस में जीजा-साला का रिश्ता है। डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी अपने सालाडॉ. बी.डी. कल्ला को पिछले लगातार दो विधानसभा चुनाव मैदान में हरा चुके हैं।
नोखा: मामा डूडी के मुकाबले में भांजी इंदू
कांग्रेस प्रत्याशी रामेश्वर डूडी का मुकाबला भांजी इंदू तरड़ से होगा। इंदू को हनुमान बेनीवाल की रालोपा के टिकट से चुनाव मैदान में हैं। रिश्तेदार अपने-अपने हिसाब से समर्थन कर रहे हैं।
खींवसर: चाचा-भतीजी में टक्कर
नागौर जिले सीट खींवसर से रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल के सामने उनकी ही भतीजी डॉ. अनिता बेनीवाल निर्दलीय चुनाव लड़ रही है। खींवसर सीट से हनुमान बेनीवाल लगातार दो बार विधायक रह चुके हैं।
महुवा: चाचा-भतीजा ठोक रहे ताल
महुवा में बोहरा परिवार का पिछले लगभग साढ़े चार दशक से राजनीतिक दखल रहा है। महुवा नगर पालिका के वर्तमान चेयरमैन विजयशंकर बोहरा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप मैदान में हैं। उनके भतीजे अजय बोहरा को कांग्रेस ने 18 नवंबर की रात्रि को अंतिम समय में कांग्रेस उमीदवार घोषित कर सीट को चर्चा में ला दिया।
यहां सगे चाचा-भतीजे आमने-सामने चुनावी जंग लड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत इनके परिवार में परिजनों के सामने आ रही हैं कि वह किसका साथ दें और किसका नहीं दे। इसे देखते हुए इस बार बुआ, बहन सहित अन्य परिजनों ने आना मुनासिब नहीं समझा। जबकि इससे पूर्व के चुनाव में संपूर्ण परिवार महुवा पहुंचकर चुनाव प्रचार में मदद करता था। दोनों ही प्रत्याशी राजनीतिक प्रभाव रखते हैं।
Published on:
27 Nov 2018 09:42 am
