स्कूलों में फिर होंगे समारोह
एनुअल फंक्शन और पुरस्कार वितरण समारोह कर सकेंगे स्कूल
शिक्षा निदेशालय ने दी स्वीकृति
मार्च के दूसरे सप्ताह तक करना होगा आयोजन
कोविड प्रोटोकॉल की करनी होगी पालना
राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों के ऐसे स्टूडेंट्स जो अब तक स्कूल नहीं जा रहे हैं वह अपने स्कूल का एनुअल फंक्शन और पुरस्कार वितरण समारोह घर पर रहते हुए ऑनलाइन देख सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने स्कूलों में एक बार फिर सभी गतिविधियों को सामान्य करते हुए इन समारोह के आयोजन के निर्देश स्कूलों को दिए हैं। स्कूलों को इनका आयोजन इसी माह या फिर मार्च के दूसरे सप्ताह तक करवाना होगा जिससे बोर्ड या अन्य परीक्षाओं में कोई व्यवधान ना पड़े। समारोह में केवल वहीं स्टूडेंट्स शामिल हो सकेंगे जिनके पैरेंट्स उन्हें समारोह में शामिल होने की लिखित स्वीकृति स्कूल को देंगे। ऐसे स्टूडेंट्स जो स्कूल आकर समारोह में शामिल नहीं हो सकते उन्हें सोशल मीडिया, यूट्यूब आदि के जरिए समारोह में शामिल किया जाएगा।
ऐसे स्टूडेंट्स जिन्हें समारोह में पुरस्कृत किया जाना है यदि वह भी अभी स्कूल नहीं आ रहा या उसके अभिभावक से स्कूल आने की लिखित सहमति नहीं दी जा रही तो उसे भी समारोह में ऑनलाइन ही जोडऩा होगा, ऐसे स्टूडेंट्स को स्कूल आकर समारोह में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। जन प्रतिनिधियों, भामाशाह, दानदाता और पूर्व विद्यार्थियों को भी समारोह में शामिल किया जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल की पालना जरूरी
समारोह में कोविड प्रोटोकॉल की पालना करना जरूरी होगा। डबल डोज वैक्सीनेशन, दो गज की दूरी, सेनेटाइजेशन और मास्क पहनने आदि की नियमों की पालना समारोह में करनी होगी।
10 मार्च को लगाई थी रोक
गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में बच्चों में बढ़ रहे कोरोना के प्रभाव को देखते हुए गत वर्ष 10 मार्च को वार्षिकोत्सव समारोह पर रोक लगा दी थी। विभाग ने पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से विधानसभा में चर्चा के दौरान इस संबंध में दिए गए आश्वासन को आधार मानते हुए यह निर्देश स्कूलों को दिए थे। इससे पूर्व विभाग ने 30 मार्च तक समारोह आयोजित करने के लिए स्कूलों को कहा था जिसका विरोध शुरू हो गया था और पूर्व शिक्षा मंत्री को विधानसभा में समारोह स्थगित किए जाने की बात विधानसभा में कहनी पड़ी थी।