20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

माैसम विभाग की चेतावनी- राजस्थान में अभी टला नहीं खतरा, अगले 48 घंटे में फिर आ सकता है तूफान

माैसम विभाग के अनुसार हिमाचल के तरार्इ क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षाेभ का असर राजस्थान में अगले 48 घंटे में तूफान के रूप में सामने आ सकता है।

2 min read
Google source verification
storm

देहात क्षेत्रों में करीब दो दर्जन से अधिक विद्युत पोल टूटकर जमीन पर गिर पड़े।

जयपुर। माैसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिन में देश के देश के कर्इ हिस्साें में तूफान, अंधड़ आैर तेज बारिश के साथ आेले गिर सकते हैं। विभाग ने आशंका जतार्इ है कि 5 से 8 मर्इ के बीच राजस्थान, पश्चिमी प्रदेश, दिल्ली आैर चंडीगढ में धूलभरी आंधी के साथ बारिश हाे सकती है।

राज्य के 10 जिलाें में अभी भी खतरा
राज्य में कहर बरपाने वाले तूफान का खतरा राज्य के 10 जिले में अभी भी मंडरा रहा है। माैसम विभाग के अनुसार, हिमाचल के तरार्इ क्षेत्र में सक्रिय हाे रहे पश्चिमी विक्षाेभ का असर राजस्थान में अगले 48 घंटे में तूफान के रूप में सामने आ सकता है। इसका प्रभाव जैसलमेर , जालाैर, जाेधपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बाड़मेर, बीकानेर , चूरू, श्रीगंगानगर आैर नागाैर में रहने की आशंका है।

सीएम ने जनूथर में मृतकों के परिवारों को दी सांत्वना
भरतपुर जिले के जनूथर कस्बे में तूफान से तीन युवकों की मौत पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने शोक संतप्त परिवारों को ढांढ़स बंधाया और परिजनों को यथा सम्भव सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर पीडि़त परिवार ने चार लाख रुपए की सहायता को नाकाफी बताते हुए परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने इसे सीधे-सीधे खारिज तो नहीं किया, लेकिन इस बारे में जिला प्रशासन से बात कर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

ओलावृष्टि की बात सुन मुख्यमंत्री चौंक गई

मुख्यमंत्री शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पीडि़त परिवारों के घर पहुंची और मृतकों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि जिले में बुधवार सायं आए तूफान से जिले में 19 लोगों की मौत होने के साथ ही लगभग 150 लोग घायल हुए। मृतकों में जनूथर कस्बे के तीन युवक संजय सैनी, चन्द्रवीर उर्फ गब्बर जाट व तेजवीर सिंह भी शामिल थे। घटना की जानकारी दे रहे ग्रामीणों के मुंह से ओलावृष्टि की बात सुन मुख्यमंत्री चौंक गई और कहा कि उन्हें तो ओलावृष्टि की जानकारी ही नहीं दी गई।