
windstorm
जयपुर। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचार के असर से चली चली पश्चिम से पूर्वी हवा से आए अंधड़ का असर अभी कुछ दिन रहने की आशंका है। प्रदेश के उत्तरी-पश्चिमी इलाकों में अभी हीट कनवेंशन सिस्टम सक्रिय है। जिससे दक्षिणी-पश्चिमी हवा गुरूवार को भी प्रदेश भर में चलती रहीं। अगले 48 घंटों के दौरान हनुमानगढ़, जैसलमेर , जालौर, जोधपुर , चूरू, बीकानेर , बाड़मेर, भीलवाड़ा और बूंदी जिले में तेज रफ्तार से धूल भरी हवा चलने व हल्की बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है।
मौसम विभाग का मानना है कि मौसम का यह तंत्र बनने पर जब यह तेज हवा आगे बढ़ती है तो संबंधित जिलों को प्रभावित करती जाती है। बुधवार शाम से रात तक प्रदेश में ऐसे ही हाल रहे। जिसमे भरतपुर, अलवर, धोलपुर सहित अन्य जिलों में जमकर तबाही मचाई। वहीं अन्य कुछ क्षेत्र इससे प्रभावित रहे। जयपुर स्थित मौसम केन्द्र के अनुसार यह परिसंचार कुछ कमजोर तो होगा, लेकिन इसका असर अभी एक दो दिन और रहने की आशंका है। जिससे यह आगे बढऩे के साथ ही अन्य जिलों को भी प्रभावित कर सकता है।
गिरा पारा, पर ज्यादा नहीं
अंधड़ और हल्की बारिश से गुरूवार को राजधानी में अधिकतम तापमान कुछ गिरा। यहां दिन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री रहा। दिन में तेज गर्मी के बाद शाम होते होते मौसम बदला और धूल भरी हवा चली। राजधानी में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। प्रदेश में सर्वाधिम अधिकतम तापमान बूंदी में 46.6 डिग्री रहा। शुक्रवार को जयपुर में अधिकतम तापमान बढ़ोत्तरी के साथ 43 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने कान अनुमान है।
यहां आंधी की चेतावनी
हनुमानगढ़, जोधपुर, जालोर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, बूंदी और भीलवाड़ा जिलों को मौसम विभाग की चेतावनी
बवंडर का कारण
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचार के कारण बना तंत्र। इसके कमजोर होने की संभावना, लेकिन असर दो दिन रह सकता है।
प्रदेश में अंधड़ से 41 की मौत
प्रदेश में बुधवार को आए अंधड़ में मरने वालों की संख्या 41 हो गई है, वहीं 250 से अधिक घायल हो गए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए देने की घोषणा की है।
Published on:
04 May 2018 09:30 am
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