
जयपुर।
प्रदेश में एसटी—एसटी वर्ग के बेरोजगार युवाओं को लोन देने वाले अनुजा निगम की लोन प्रक्रिया में अनियमिताएं सामने आने पर निगम अफसरों की नींद टूटी है। राजस्थान पत्रिका में 29 अगस्त को लोन खाते में आया नहीं,अफसर बोले किस्त भरो शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब अनुजा निगम के अफसर लोन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं। जिन बेरोजगारों का लोन तो स्वीकृत हो गया लेकिन लोन खाते में नही आया इसके लिए लोन की एंट्री,डीबीटी स्टेटमेंट और बैंक स्टेटमेंट खंगाले जा रहे हैं।
जिससे पता चल सके कि लोन गलती से प्रार्थी के खाते की जगह दूसरे खाते में चला गया या फिर भरतपुर की तरह जयपुर में भी लोन का गबन तो नहीं हो रहा है। अनुजा निगम के महाप्रबंधक सोहन लाल ने बताया कि तीन से चार दिन में जांच पूरी कर संबधित बेरोजगार युवकों के खाते में लोन जमा करा दिया जाएगा। जनआधार में दिए गए बैंक की खाता संंख्या का भी मिलान किया जा रहा है।
अनुजा निगम में लंबे समय से एसटी—एससी के बेरोजगार युवकों के स्वीकृत लोन को अटकाने की बाते सामने आ रही है। वहीं कोरोनाकाल में इन्हें रोजगार की भी समस्या है। अब ये युवक रोजगार के लिए लोन लेना चाहते हैं। लेकिन लोन लेना भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं हो गया है। अब जांच के बाद तस्वीर साफ होगी कि लोन बेरोजगारों के खाते में जा रहा है या किसी अन्य के खाते में जमा कर दिया है।
Published on:
01 Sept 2021 08:08 am
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