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अब अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी मिलेंगे पट्टे, मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। डेढ़ दशक बाद राज्य में बुधवार से अपार्टमेंट ऑनरशिप कानून लागू हो गया है। नगरीय विकास विभाग ने इसके नियम-उपनियम जारी कर दिए हैं। इस कानून के लागू होने से अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग वाले सभी तरह के अपार्टमेंट्स पर यह एक्ट लागू रहेगा।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Aug 19, 2020

अब अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी मिलेंगे पट्टे, मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

अब अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी मिलेंगे पट्टे, मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

जयपुर।

अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। डेढ़ दशक बाद राज्य में बुधवार से अपार्टमेंट ऑनरशिप कानून लागू हो गया है। नगरीय विकास विभाग ने इसके नियम-उपनियम जारी कर दिए हैं। इस कानून के लागू होने से अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग वाले सभी तरह के अपार्टमेंट्स पर यह एक्ट लागू रहेगा।

इस एक्ट के तहत अभी तक अपार्टमेंट खरीदने और बेचने की रजिस्ट्री में भूमि शामिल को शामिल नहीं किया जाता था। इस वजह से क्रेता का अपार्टमेंट पर तो मालिकाना हक होता था, लेकिन जमीन पर उसका कोई हक नहीं था। अब एक्ट के तहत संबंधित निकाय हर अपार्टमेंट के लिए पट्टा जारी कर सकेंगे, जिसमें अपार्टमेंट के अलावा उसकी भूमि पर अपार्टमेंट अपार्टमेंट मालिक की समानुपातिक हिस्सेदारी होगी। इसमें कॉमन एरिया और सुविधाओं पर खरीदार के अधिकार स्पष्ट होंगे। सरकार ने एक्ट के नियम के साथ ही अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के हक की लड़ाई लड़ने वाली एसोसिएशन के लिए भी उप नियम जारी किए हैं।

नियमों के तहत यूं होगा काम

सरकार की ओर से जारी नियम—उपनियमों के तहत एक निश्चित संख्या में अपार्टमेंट्स की बुकिंग होने के बाद बिल्डर को अपार्टमेंट खरीदारों की एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बनानी होगी। इमारत का निर्माण होने के बाद कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी होते ही बिल्डर को अपार्टमेंट का मेंटिनेंस फंड इस एसोसिएशन को देना होगा। साथ ही भवन का नक्शा, इलेक्ट्रिक फिटिंग व प्लम्बिंग, अंडरग्राउंड केबल, सीवरेज नेटवर्क का नक्शा और संबंधित दस्तावेज भी एसोसिएशन को सुपुर्द करने होंगे। एसोसिएशन की सूची के आधार पर ही अपार्टमेंट खरीदारों को निकाय पट्टा जारी करेगा।

पहले से रहने वालों को भी मिलेगा पट्टा

यह नियम-उप नियम पहले बने अपार्टमेंट्स में भी लागू होंगे। इस तरह के मामलों में लोग निकाय से पट्टा ले सकेंगे। इसके लिए पहले इन निवासियों को तय उप नियमों के तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बनानी होगी और उसके जरिए ही निकाय में अपार्टमेंट खरीदारों की सूची पेश करनी होगी।

पैसा देने के लिए बाध्य

अपार्टमेंट खरीदार को भी कुछ मामलों में बाध्य किया गया है। खरीदार को पूरे भवन के रखरखाव के मद में एक निर्धारित शुल्क एसोसिएशन को देना होगा। अगर कोई खरीदार मेंटिनेंस चार्ज नहीं देता है तो एसोसिएशन लिफ्ट, जिम, कॉमन लाइटिंग व अन्य कॉमन सुविधाओं से उस खरीदार को वंचित कर सकेगी। हालांकि एसोसिएशन को बिजली, पानी व अन्य मूलभूत सुविधाओं से उस अपार्टमेंट खरीदार को वंचित नहीं कर सकेगी।