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सर्दी बढ़ी तो बदली थाली, देसी स्वाद और सेहत का 200 करोड़ तक का कारोबार

घरों में हल्दी की सब्जी, बाजरे की रोटी, घी में बने व्यंजन, लहसुन की चटनी और तरह-तरह के घर के बने अचार सर्दियों में खास तौर पर बनाए जाते हैं।

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जयपुर

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Vijay Sharma

Jan 07, 2026

-- गर्म तासीर वाले पकवानों, मिठाइयों, अचार और आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग

बाजारों में सर्दी के खान-पान की चीजों की दुकानें खुली, मिला रोजगार भी

जयपुर। गुलाबी नगर में सर्दी का असर सिर्फ ऊनी कपड़ों तक सीमित नहीं है। सर्दी का सीधा असर लोगों की थाली और बाजार पर भी दिखने लगा है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, वैसे-वैसे शहर में गर्म तासीर वाले पकवानों, मिठाइयों, अचार और आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग तेज हो रही है। यही वजह है कि सर्दियों में जयपुर में “भूख का कारोबार” पूरे शबाब पर पहुंच गया है। बढ़ती सर्दी ने एक ओर लोगों का स्वाद बदल दिया है, वहीं शहर में लोगों को रोजगार भी दिया है। बाजारों में सर्दी के खान-पान की चीजों की दुकानें खुल गई है। व्यापारियों की मानें तो नवंबर से फरवरी तक जयपुर के बाजार में सर्दी के खान-पान का करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार आंका जा रहा है। शहर के खानपान विशेषज्ञों का कहना है कि अब लोग सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत को ध्यान में रखकर भी पारंपरिक खाद्य पदार्थों की ओर लौट रहे हैं।

-- सर्दियों के खास पकवान, जो लोगों को भा रहे

जयपुर की सर्दी की पहचान सबसे पहले गजक, तिलकुट, रेवड़ी और मूंगफली की चिक्की से होती है। शहर के परकोटा सहित टोंक रोड लालकोेठी, मालवीय नगर, जगतपुरा, वैशाली नगर, सोडला सहित कई इलाकों में 500 से अ​धिक दुकानें खुल गई हैं। इन दुकानों पर भीड़ साफ नजर आती है। तिल, गुड़, मूंगफली और खोपरे से बनी ये मिठाइयां न सिर्फ स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि शरीर को गर्म रखने में भी मदद करती हैं। गजक, तिलकुट और गर्म तासीर की मिठाइयों का कारोबार लगभग 120–150 करोड़ रुपये का आंका जा रहा है।

--घरों में हल्दी की सब्जी, बाजरे की रोटी, घी में बने व्यंजन, लहसुन की चटनी और तरह-तरह के घर के बने अचार सर्दियों में खास तौर पर बनाए जाते हैं। वहीं, आयुर्वेदिक दुकानों और मेडिकल स्टोर्स पर च्यवनप्राश, आंवला मुरब्बा, अश्वगंधा पाक और हर्बल काढ़ों की बिक्री भी बढ़ जाती है। अचार और पारंपरिक खाद्य सामग्री का करीब 40–50 करोड़ रुपए का कारोबार आंका जा रहा है।

--सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश की मांग तेज हो जाती है। आयुर्वेदिक दुकानों और मेडिकल स्टोर्स पर इसकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। इसमें आंवला, अश्वगंधा और अन्य जड़ी-बूटियां होती हैं, जो विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत हैं। अनुमान है कि जयपुर में च्यवनप्राश और अन्य हर्बल उत्पादों का कारोबार 50 करोड़ रुपए तक होता है।

--पोषक तत्व और स्वास्थ्य लाभ

-- सर्दियों में खाए जाने वाले इन खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है।
-- तिल और गुड़: आयरन, कैल्शियम और एनर्जी का अच्छा स्रोत, हड्डियों को मजबूत करते हैं।
--मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स: प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन ई से भरपूर, शरीर को गर्मी और ताकत देते हैं।
-- हल्दी की सब्जी: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर, इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार।
-च्यवनप्राश और आंवला: विटामिन-सी से भरपूर, सर्दी-खांसी से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में इनका सेवन सर्दियों में शरीर को संतुलित ऊर्जा और गर्माहट देता है।

  • अचार: सरसों के तेल और मसालों से बने अचार पाचन शक्ति को मजबूत करते हैं।
  • गर्म तासीर की मिठाइयां: जैसे मूंग दाल का हलवा, जो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है।डॉ कमला आर नागर एसोसिएट प्रोफेसर, आयुर्वेद पोषण-आहार विभाग, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर