
परीक्षा के समय तनाव होना सामान्य है, लेकिन आत्मविश्वास और अच्छी तैयारी इसके सबसे प्रभावी समाधान हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे नियमित दिनचर्या अपनाएं और पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर करें। समय प्रबंधन से बोझ कम महसूस होता है और विषयों की पुनरावृत्ति भी बेहतर ढंग से हो पाती है। पर्याप्त नींद और संतुलित आहार मन को स्थिर रखते हैं। योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम मानसिक शांति प्रदान करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है सकारात्मक सोच बनाए रखना और परिणाम की चिंता छोड़कर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना। निरंतर अभ्यास और संतुलित जीवनशैली ही सफलता का आधार बनती है। - अमृतलाल मारू, इंदौर
परीक्षा के दौरान बच्चों में थोड़ा-बहुत तनाव स्वाभाविक है। ऐसे समय में परिवार, विशेषकर अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें समझ के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करें। पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेने दें और उस समय उनसे खुलकर बातचीत करें। उनकी पसंद के खेल या हल्की गतिविधियों में साथ दें। भोजन और नींद का विशेष ध्यान रखें। बच्चों की क्षमता को समझें और उनसे अत्यधिक अपेक्षाएं न रखें। घर का माहौल खुशनुमा और सकारात्मक रहेगा तो बच्चे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना कर सकेंगे। - निर्मला वशिष्ठ, राजगढ़ (अलवर)
परीक्षा के समय घबराहट से बचने के लिए शांत रहना बेहद जरूरी है। गहरी सांस लेना और सकारात्मक सोच बनाए रखना तनाव को कम करता है। परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें और समय का सही प्रबंधन करें। पहले आसान प्रश्न हल करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और शेष प्रश्नों को हल करना सरल हो जाता है। परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लें और हल्का, सुपाच्य भोजन करें। जब मन शांत होता है, तो एकाग्रता बेहतर रहती है और प्रदर्शन भी अच्छा होता है। घबराहट की जगह संयम अपनाना ही सफलता की कुंजी है। - दिशा वाडिया, उज्जैन
परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या संतुलित रखनी चाहिए। गहरी सांस लेना और सकारात्मक सोच तनाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे भागों में बांटकर नियमित अध्ययन करना अधिक प्रभावी होता है। पढ़ाई के बीच छोटे अंतराल लेना भी जरूरी है, ताकि मन ताजा बना रहे। पर्याप्त नींद लेने और हल्का व्यायाम करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। यदि विद्यार्थी नियमितता और अनुशासन का पालन करें, तो परीक्षा का दबाव कम महसूस होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। - अनिल कुमार, चिड़ावा (झुंझुनू )
परीक्षा को लेकर नकारात्मक सोच तनाव को बढ़ाती है। ऐसे में परिवार, मित्रों और शिक्षकों का सहयोग विद्यार्थियों को संबल देता है। परीक्षा से पूर्व पूरी तैयारी और सही मार्गदर्शन आवश्यक है। अच्छी नींद लेना और संतुलित दिनचर्या बनाए रखना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि परीक्षा केवल ज्ञान का मूल्यांकन है, जीवन की अंतिम सफलता नहीं। यदि मन में यह विश्वास रहे कि जो होगा अच्छा ही होगा, तो डर अपने आप कम हो जाता है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। - ओम प्रकाश, अजमेर
परीक्षा के दिनों में बच्चों पर अच्छे अंक लाने का दबाव रहता है, जिससे तनाव बढ़ता है। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें तनावमुक्त वातावरण दिया जाए। माता-पिता को चाहिए कि वे अनावश्यक दबाव न बनाएं और बच्चों को थोड़ी देर खेलने या मनपसंद कार्यक्रम देखने का समय दें। अन्य बच्चों से तुलना करने से बचें और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करें। जब घर का माहौल सहयोगपूर्ण होता है, तो बच्चे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। समझदारी और संवेदनशीलता से ही परीक्षा के तनाव को कम किया जा सकता है। - वसंत बापट, भोपाल
परीक्षा के समय बच्चों के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई देता है। ऐसे में माता-पिता यदि थोड़ी हंसी-मजाक का सहारा लें, तो माहौल हल्का हो सकता है। हल्की-फुल्की बातचीत और सकारात्मक वातावरण बच्चों के मन से डर कम करता है। जब परिवार साथ बैठकर सहज माहौल बनाता है, तो बच्चा अपनी चिंताएं खुलकर साझा कर पाता है। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का दबाव कम महसूस होता है। गंभीरता के बीच थोड़ी मुस्कान भी जरूरी है, क्योंकि खुश मन से किया गया प्रयास अधिक सफल होता है। - प्रियव्रत चारण, जोधपुर
परीक्षाओं के दौरान तनाव पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, क्योंकि इसका असर परिणाम पर पड़ सकता है। आत्मविश्वास तभी आता है जब विद्यार्थी अनुशासित जीवनशैली अपनाते हैं। सुबह स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई की शुरुआत करना लाभदायक होता है। नियमित प्राणायाम, संतुलित खानपान और पर्याप्त नींद मानसिक स्थिरता देते हैं। सोशल मीडिया और नकारात्मक बातों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। यदि विद्यार्थी इन नियमों का पालन करें, तो तनाव हावी नहीं होगा और परीक्षा बेहतर ढंग से दी जा सकेगी। - गजेन्द्र नाथ चौहान, राजसमंद
परीक्षा के दौरान बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी नींद का ध्यान रखना भी माता-पिता की जिम्मेदारी है। पर्याप्त आराम न मिलने से तनाव बढ़ सकता है। योग और प्राणायाम से मन को शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। परीक्षा केंद्र जाने से कम से कम दो घंटे पहले किताबों से दूरी बना लेना बेहतर होता है, ताकि दिमाग शांत रहे। यदि घर में सहयोग और संतुलित दिनचर्या हो, तो बच्चे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकते हैं। छोटे-छोटे उपाय बड़े तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं। - शंकर गिरि, रावतसर (हनुमानगढ़)
Published on:
23 Feb 2026 05:50 pm
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