1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नरेन्द्र मोदी को भी धमका चुके है आसाराम! भक्तों को भी दी थी गाली

नरेन्द्र मोदी और आसाराम बापू आमने-सामने होते रहे है...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Dinesh Saini

•

Updated: 26 Apr 2018, 4:57 PM IST

asaram

जयपुर। गुरुकुल की नाबालिग शिष्या से यौन दुराचार मामले में 56 माह की सुनवाई के बाद आखिरकार आसाराम उर्फ आसूमल सिरुमलानी (77) को सजा सुना दी गई। आसाराम मृत्युपर्यंत जेल में रहेगा। बुधवार को सेंट्रल जेल में बनाई विशेष कोर्ट में अजा-जजा कोर्ट के विशेष जज मधुसूदन शर्मा ने 453 पेज के फैसले में आसाराम को पॉक्सो एक्ट समेत आइपीसी की 14 धाराओं में दोषी करार दे 3 लाख 2 हजार रु. का जुर्माना भी लगाया। छिंदवाड़ा गुरुकुल आश्रम के प्रिंसिपल शरतचंद्र व छात्रावास की वार्डन शिल्पी गुप्ता को 20-20 साल कैद व एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। आसाराम का काला चिट्ठा बहुत ही बड़ा है। जिसकी छिपी हुई परते अब एक के बाद एक सामने आने लगी है। आसाराम की नरेन्द्र मोदी के साथ भी कई बार खींचतान हो चुकी थी।

आसाराम ने नरेन्द्र मोदी को चुनौती भरे लहजे में कहा था...
एक ऐसा पुराना मामला भी सामने आया है जिसमें गुजरात में एक बार आसाराम ने नरेन्द्र मोदी को चुनौती भरे लहजे में कहा था कि भगवान के काम में सरकार अडंगा ना डाले वरना वो खुद ही नष्ट हो जायेंगे। आसाराम बापू और नरेंद्र मोदी के बीच खींचतान कोई नई बात नही रही है। आसाराम बापू के आश्रम में बच्चे की लाश मिलने का मामला हो या आश्रम की जमीन का विवाद, नरेन्द्र मोदी और आसाराम बापू आमने-सामने होते रहे है। आसाराम कई बार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी कई तरह के कटाक्ष कर चुके हैं।

निर्भया केस में कहा था, ताली एक हाथ से नहीं बज सकती
आसाराम ने निर्भया केस में कहा था, ‘वह (पीडि़त लडक़ी) अपराधियों को भाई कहकर पुकार सकती थी। इससे उसकी इज्जत और जान भी बच सकती थी। क्या ताली एक हाथ से बज सकती है, मुझे तो ऐसा नहीं लगता।’ यह दलील देकर आसाराम ख़ुद को अपने प्रवचनों में भक्तों की नजर में बेगुनाह साबित करने की कोशिश कर रहा था।

भक्तों को दी गाली
आसाराम ने इंदौर में एक मंच से भक्तों को गाली दी थी। उन्होंने एक सेवादार को अपशब्द कहे। आसाराम ने प्रवचन के दौरान ही आपा खो दिया और मंच से ही सेवादार को डांटते हुए उनके लिए कई अपशब्द कहे। उन्होंने सेवादार की एक छोटी सी गलती पर कहा कि पागल सेवादार। उसके कपड़े उतार के घर भेजो। बेशर्म कहीं के।

सेवादारों से लगवाई उठक-बैठक
जालंधर में भी मई, 2012 में आसाराम विवादों में घिर गए थे। आसाराम सत्संग में पहुंचे तो थे आर्शीवाद देने, लेकिन पंडाल में पहुंचते ही उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया। पंडाल में संगत के लिए एक भी पंखा न होना उनके गुस्से कारण बन गया। बापू ने अपने सेवादारों को बुला संगत के सामने ही पंखे न लगवाने के कारण उठक-बैठक लगवाई।