
DNT community : विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समाज जातियों का जयपुर में महापड़ाव और अशोक गहलोत। फोटो पत्रिका - AI
Ashok Gehlot : राजस्थान में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समाज (डीएनटी) जातियों ने बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर के जेडीए ग्राउंड में महापड़ाव डाला। इस दौरान उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। साथ ही लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार और उसके मुखिया दोनों पर निशाना साधा। अशोक गहलोत ने कहा सरकार का यह कदम निंदनीय है।
अशोक गहलोत ने आज सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि घुमंतू समाज हमारे सबसे कमजोर वर्गों में से एक है। इनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय, पुलिस द्वारा इन पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। राज्य सरकार यह समझने में विफल रही है कि विवादों और समस्याओं का वास्तविक हल केवल बातचीत से ही निकलता है।
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि प्रशासनिक अधिकारियों को इनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर समय रहते बात करनी चाहिए थी, ताकि ऐसी नौबत ही न आए कि उनका यह आंदोलन बेकाबू हो जाए। जयपुर में होने वाले इस प्रदर्शन की सभी को पूर्व जानकारी थी। इसके बावजूद ऐसी अप्रिय स्थिति का उत्पन्न होना सीधे तौर पर सरकार की अनुभवहीनता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने सचिन पायलट ने भी सरकार की निंदा करते हुए सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि अपनी मांगों को लेकर घुमंतू समाज द्वारा किए गए प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को प्राप्त है और कमजोर वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता है तो उनकी आवाज को दबाने की बजाय संवेदशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए।
उधर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के महापड़ाव पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने, बल प्रयोग की घटना की कड़ी निंदा की है। समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों पर ऐसी कार्रवाई निंदनीय है।
प्रदेश में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समाज (डीएनटी) जातियों ने बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर के जेडीए ग्राउंड में महापड़ाव डाला। इसमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश से आकर इस समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। उसके बाद जब शाम तक वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला तो प्रदर्शनकारी पड़ाव स्थल से सीएम आवास घेराव के लिए निकलने लगे।
इस पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें वहीं रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी इससे आक्रोशित हो गए और उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई। इस दौरान पथराव हुआ और भीड़ को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीवार और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इनमें से पुलिस ने 15 को शातिभंग में गिरफ्तार किया है, शेष को छोड़ दिया है।
राजस्थान की आबादी में इन जातियों की 15 फीसदी जनसंख्या है। घुमंतू एवं अर्थ घुमंतू जातियों के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने कहा कि हमारी सीधी मांग यही है कि हमारे जो लोग जहां बैठे हैं, वहीं पर उन्हें स्थायी आवास का पट्टा दिया जाना चाहिए। बताया जा रहा है कि घुमंतू और अर्थ घुमंतू में 32 जातियां आती हैं लेकिन 53 जातियां वास्तविक तौर पर हैं।
उनकी प्रमुख मांगों में डीएनटी जातियों को दस फीसदी आरक्षण, विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समाज को स्थायी आवास के लिए पट्टा और इन जातियों के नामों की विसंगतियां दूर करना शामिल हैं।
Updated on:
02 Jul 2026 01:58 pm
Published on:
02 Jul 2026 01:08 pm
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