
जयपुर। कांग्रेस के कई युवा नेताओं के पार्टी छोड़ने को लेकर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वालों का भी स्वागत है तो आने वालों का भी स्वागत है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बड़ा संगठन है, कांग्रेस एक आंदोलन की तरह है और 135 साल पुराना इतिहास है।
कांग्रेस पार्टी एक महासमुद्र की तरह है। पहले भी कई लोग पार्टी छोड़ कर गए थे और वापस पार्टी में आए। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन कांग्रेस पार्टी आज एक पार्टी नहीं है बल्कि घर-घर में कांग्रेस है। सीएम गहलोत ने कहा आज हम सत्ता में नहीं है लेकिन देश के हर गांव कस्बे में कांग्रेस पार्टी नजर आएगी। कई पार्टी सत्ता में तो है लेकिन नॉर्थ- ईस्ट में उन्हें कोई नहीं पूछता, दक्षिण राज्यों में उन्हें कोई नहीं पूछता। आज कांग्रेस पार्टी सत्ता में हो या नहीं हो लेकिन कांग्रेस पार्टी हर घर में मौजूद है। कोई पार्टी छोड़कर चला जाए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने भी साफ कहा कि जिन लोगों को जाना है वह चले जाएं और जो लोग बाकी है वो अपना काम करें। पार्टी में रहकर ही पार्टी की बुराई करोगे तो उससे तो पार्टी को और ज्यादा नुकसान होगा इससे अच्छा कि आप पार्टी छोड़कर चले जाएं।
गुलाम नबी आजाद ने ट्विटर हैंडल में से कांग्रेस शब्द हटाया
इधर पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की ओर से अपने टि्वटर हैंडल से कांग्रेस शब्द हटाने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जिन्हें जाना है वो पार्टी से जा सकता है। कौन जा रहा है कौन आ रहा है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश में महंगाई चरम पर है बेरोजगारी विस्फोटक रूप ले चुकी है, आज नौजवान दुखी है, उस पर कोई चिंता नहीं हो रही है। किसान पिछले डेढ़ साल से धरने पर बैठे रहे उसकी कोई बात नहीं हो रही है। सीएम गहलोत ने कहा कि लोग समझ गए कि जिन लोगों ने बड़े-बड़े वादा करके 2014 में सत्ता पर कब्जा किया था आज वही लोग इन बातों को भूल गए।
बिल का नाम कुछ भी हमारी भावना किसानों को राहत देने की
इधर किसानों की 5 एकड़ जमीन की नीलामी रोकने के लिए राजभवन को भेजे गए संशोधन विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमने किसानों की जमीन नीलामी रोकने के लिए सीपीसी में संशोधन विधेयक पास करके राजभवन को भेजा था। राजभवन की ओर से जवाब दिया गया कि उस तरह का बिल हमारे पास नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल का नाम कुछ भी हो लेकिन हमारी भावना यही है कि किसानों को राहत दी जाए। आज किसानों की जमीन राष्ट्रीयकृत बैंकों की ओर से नीलम की जा रही है और भाजपा के लोग किसानों और लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
Updated on:
26 Jan 2022 12:05 pm
Published on:
26 Jan 2022 11:54 am
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