
राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन। फाइल फोटा पत्रिका
Rajasthan Metro : राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (आरएमआरसी) में होने वाली ताजा भर्तियों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार निदेशक पदों पर की जा रही नियुक्तियों की प्रक्रिया को जिस तरह बदला गया है, उससे सवाल उठ रहे हैं कि भर्ती नियमों को उम्मीदवारों के हिसाब से ढाला गया है, न कि योग्यता के आधार पर चयन किया जा रहा है। दअरसल, राजस्थान मेट्रो में कुल 4 निदेशक पद स्वीकृत किए गए हैं।
इनमें से कॉर्पोरेट मामलात के निदेशक महेश भुराड़िया और वित्त के निदेशक सुनील ढाका की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को 20 दिसम्बर को पत्र लिखा, 26 दिसम्बर को केंद्र से अनुमति मिल गई। इसके बाद दो निदेशक (परियोजना और परिचालन) की एक जनवरी को विज्ञप्ति जारी की गई। इनके नियम और शर्तों को बदल दिया गया।
राज्य सरकार के सभी उपक्रमों और ज्वॉइंट वेंचर में सभी निदेशकों का पे स्केल (8700 रुपए है)। यहां जो केंद्र सरकार ने जिन दो निदेशकों को अनुमति दी है, उनका भी पे स्केल 8700 रुपए है। वहीं, जिनकी विज्ञप्ति जारी की है, उनका पे स्केल (10000 रुपए) निर्धारित किया है।
ये मापदंड पहले तय किए जाते तो केंद्र सरकार से दोनों निदेशक की अनुमति नहीं मिल पाती। क्योंकि दोनों निदेशक 8700 रुपए पे स्केल पर कार्यरत हैं। निदेशक परिचालन के लिए जो नियम और शर्तें बनाईं गई हैं। सूत्रों की मानें तो चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कुछ और नियमों में संशोधन किए गए हैं।
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Updated on:
16 Jan 2026 01:20 pm
Published on:
16 Jan 2026 01:19 pm
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