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राजस्थान विधानसभा में आज ऐतिहासिक दिन: 11 कानूनों से हटेंगे आपराधिक प्रावधान, अब छोटी गलती पर नहीं जाना होगा जेल

होली अवकाश के बाद गुरुवार से विधानसभा का बजट सत्र फिर शुरू होगा। सरकार ‘राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक’ पेश करेगी। कानून बनने पर 11 अधिनियमों में मामूली और तकनीकी उल्लंघनों पर जेल की सजा हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा।

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जयपुर

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Arvind Rao

Mar 05, 2026

Rajasthan Jan Vishwas Bill Govt to Remove Prison Terms in 11 Acts Fine Instead of Jail for Small Mistakes

राजस्थान विधानसभा में आज ऐतिहासिक दिन (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)

Rajasthan Legislative Assembly: जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र होली अवकाश के बाद गुरुवार से फिर शुरू होगा। सरकार ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए 'राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक' सदन में पेश करेगी।

बता दें कि इसके पारित होने पर विभिन्न अधिनियमों में मामूली उल्लंघन या तकनीकी गलती पर कारावास जैसे आपराधिक दंड हटाकर उनकी जगह आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा। यह विधेयक केंद्र के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2023 की तर्ज पर लाया जा रहा है।

हट जाएंगे आपराधिक प्रावधान

विधेयक कानून बनने के बाद 11 अधिनियमों से आपराधिक प्रावधान हट जाएंगे। सरकार ने इसे दिसंबर में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अध्यादेश के रूप में लागू किया था। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे सदन में रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर यह स्थायी रूप से लागू हो जाएगा।

किन मामलों में मिलेगी राहत

राजस्थान वन अधिनियम-1953: वन भूमि में अनजाने में मवेशी चराने पर पहले छह महीने तक जेल या 500 रुपए जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान था। अब जेल की सजा हटाकर जुर्माना और वन नुकसान की क्षतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा। इससे आदिवासियों और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961: सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे कि बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था, जिसे हटाकर केवल अर्थदंड रखा जाएगा।

जयपुर वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड अधिनियम-2018: पानी की बर्बादी, बिना अनुमति कनेक्शन या सीवर लाइन में रुकावट आदि मामलों में जेल की जगह अब आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

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