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गहलोत ने हार का ठीकरा BJP पर फोड़ा तो भड़के लोकेश शर्मा, बोले- ‘बेशर्मी की हद है! 40 साल से क्या ख़ाक राजनीति की’

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक निजी मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।

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राजस्थान कांग्रेस में अंतकर्लह मिटने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक निजी मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस दौरान गहलोत ने पायलट को लेकर जबरदस्त हमला बोला। वहीं जब गहलोत से राजस्थान में काम करने के बावजूद हार का कारण पूछा तो उन्होंने सारा आरोप भाजपा पर मढ़ दिया।

जिसके बाद पूर्व सीएम गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने हमलावर होते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। गौरतलब है कि इंटरव्यू के दौरान गहलोत से पूछा गया कि सरकार ने बहुत काम किया तो चुनाव कैसे हार गए? गहलोत ने जबाव दिया कि भाजपा के ये ही झूठे प्रोपेगेंडे से, इनके पास मशीनरी क्या है? इलेक्टोरल बॉन्ड खरीद लिए गए।

डिजाइन्ड खुद के चेहरे पर एकतरफ़ा कैम्पेन

लोकेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा कि 'बेशर्मी की हद है…!! राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार पर खुद को क्लीन चिट देते हुए अशोक गहलोत जी ने BJP के झूठे प्रोपेगेंडा और इलेक्टोरल बॉन्ड को ज़िम्मेदार बता दिया..!! फिर कहां गया रोज गिनाए जाने वाला अनुभव, सरकारी खजाने को खाली कर चलाई गयी भारी भरकम योजनाएं. सारी जादूगरी, रणनीति, कथित कुशल प्रबंधन।

25 सितम्बर को आलाकमान की अवमानना के बाद पूरी मनमानी के साथ एकतरफ़ा निर्णय लेते हुए सरकार रिपीट करने का दावा और पूरी तरह डिजाइन्ड खुद के चेहरे पर एकतरफ़ा कैम्पेन.. ??? खुद के चेहरे पर चुनाव लड़ा, फिर भी जिम्मेदार बीजेपी का झूठा प्रोपेगेंडा..??

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झूठे प्रोपेगेंडा को झूठा साबित नहीं कर पाए- शर्मा

मतलब पूरे सरकारी संसाधनों के जमकर दुरूपयोग के बाद भी झूठे प्रोपेगेंडा को झूठा साबित नहीं कर पाए?? फिर 40 साल से क्या ख़ाक राजनीति की प्रदेश में..?? अपने आप को राजस्थान का गांधी, जननायक और जादूगर तक कहलवा लिया फिर भी वही ढाक के तीन पात!!

हमेशा की तरह मुख्यमंत्री रहते हुए हार का ठीकरा प्रोपेगेंडा के नाम….जबकि सब जानते हैं अपनी हठधर्मिता के चलते मनमानी नहीं की होती और तमाम फ़ीडबैक्स के मद्देनज़र चेहरे बदलते और समय पर सही फ़ैसले लेते तो आज प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होती।

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प्रदेश अध्यक्ष को बनाया बेवकूफ़

प्रदेश अध्यक्ष को बेवकूफ़ और प्रभारी को मुख्यमंत्री निवास में डिनर का भूखा और राजनीति नहीं समझने वाला व्यक्ति बोलते हुए मनमानी कर अपने निर्णय थोपे थे तो हार की जिम्मेदारी तो खुद लो…'

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