
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot) पहली बार चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। वैभव को पार्टी ने जोधपुर लोकसभा सीट से चुनावी अखाड़े में उतारा है। यहां मुकाबला बहुत ही दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि वैभव के सामने यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार में मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) होंगे। पूरे देश की निगाहें इस सीट पर टिकी रहेगी।
वैभव गहलोत ने Jodhpur Lok Sabha Seat से टिकट मिलने के बाद कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी सहित प्रदेश के तमाम नेताओं का धन्यवाद करता हूं। उन्हें मौका मिला है तो कांग्रेस की नीतियों पर चुनाव लड़ेंगे। 20 साल बाद पिता की सीट से ही चुनाव लड़ने पर वैभव ने कहा कि यह बहुत बड़ा मौका है, बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। वैभव ने कहा कि चुनाव में पार्टी को विजयी बनाएंगे। पिछली भाजपा सरकार में जोधपुर की उपेक्षा हुई। मेरा लक्ष्य होगा जोधपुर का सम्पूर्ण विकास, आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए कार्य करूंगा।
भले ही वैभव को पार्टी ने चुनाव में पहली दफा उतारा हो, लेकिन उनको कम आंकना भाजपा को भारी पड़ सकता है, क्योंकि वे पार्टी संगठन के लिए काफी समय से काम कर रहे हैं। 39 वर्षीय वैभव की राजनीति में सक्रियता को 13 वर्ष बीत चुके हैं। वैभव 2006 में युवक कांग्रेस से जुड़े। 2010 में नाथद्वारा क्षेत्र से प्रदेश कांग्रेस सदस्य बने। 2014 में प्रदेश कांग्रेस महासचिव बने। तब से वह सक्रिय हैं। गत वर्ष उन्हें एआइसीसी का सदस्य बनाया गया।
सरल स्वभाव के वैभव को भी अपने पिता अशोक गहलोत की तरह लो प्रोफाइल में रहते हुए अपना काम करना भाता है। बेटे की लॉन्चिंग से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर लोकसभा सीट की अच्छे से टोह ली। जोधपुर शहर की तीनों विधानसभा सीट के कार्यकर्ताओं से मिले। इसके अलावा लूणी, लोहावट, फलोदी व पोकरण विधानसभा क्षेत्र में घूम कर कार्यकर्ताआें व लोगों का फीडबैक लिया।
आमने-सामने
भाजपा
नाम - गजेन्द्रसिंह शेखावत
पिता - शंकरसिंह शेखावत
उम्र - 51 वर्ष
शिक्षा - एम.ए
राजनीतिक अनुभव - जोधपुर विश्वविद्यालय से छात्रसंघ अध्यक्ष रहे, 2014 में सांसद बने, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री।
पारिवारिक बैकग्राउंड - परिवार में इनसे पहले कोई राजनीति में नहीं।
कांग्रेस
नाम - वैभव गहलोत
पिता - अशोक गहलोत
उम्र - 39 वर्ष
शिक्षा - एलएलबी, आईएलएस
राजनीतिक अनुभव - युवक कांग्रेस से वर्ष 2006 में जुड़े, पीसीसी सदस्य खमनौर (नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र) 2010 से, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव 2014 से, एआइसीसी सदस्य 2018 से
पारिवारिक बैकग्राउंड - पिता का 45 साल का राजनीतिक कॅरियर। तीसरी बार मुख्यमंत्री। इसी सीट से पांच बार सांसद भी रहे।
Updated on:
29 Mar 2019 05:01 pm
Published on:
29 Mar 2019 04:57 pm
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