
अशोक पांड्या
जयपुर
राजस्थान संगीत नाटक अकादमी अध्यक्ष अशोक पांड्या का कहना है अब वे दिन दूर नहीं जब राजस्थान के कलाकारों के सपनों को भी पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि अकादमी की ओर से रुके सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। बुधवार को यहां पिंकसिटी प्रेस क्लब में कलाकारों से संवाद कार्यक्रम में अध्यक्ष अशोक पांड्या ने कलाकारों की समस्याओं और उनकी संस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि अशोक पांड्या ने अकादमी के प्रति खुद के विजन को जाहिर नहीं किया।
कलाकारों का हक उन्हें कब मिलेगा
उन्होंने कलाकारों से उनके कार्यक्रमों और उनकी विभिन्न योजनाओं को लेकर सवाल-जवाब किए। ऐसे में कई कलाकारों ने राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की कार्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी तक अकादमी की ओर से कलाकारों को किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस बीच गायन-वादन, नृत्य और नाट्य कला से जुड़े कलाकारों ने कहा कि आखिरकार कलाकारों का हक उन्हें कब मिलेगा।
उम्मीद की किरण नजर आई
रंगकर्मी अशोक राही, दिलीप भट्ट, सौरभ भट्ट ने सरकार के अनुदान को ऊंट के मुंह में जीरा बताया, वहीं कई कलाकारों ने सरकारी योजनाओं में कलाकारों के लिए कलाकार कल्याण कोष के जरिए पेंशन योजना शुरू किए जाने की मांग की। इस मौके पर अकादमी अध्यक्ष अशोक पांड्या ने कलाकारों से अकादमी के लिए सुझाव मांगे और आगामी कार्यक्रमों के प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार से अकादमी के कार्यक्रमों के लिए जो बजट मिल रहा था, वो संपूर्ण था या बच जाता था लेकिन अब कार्यक्रमों और कलाकारों की संख्या व सूची में बढ़ोतरी की जाएगी। अब सरकार से मिले बजट के अनुसार कार्य नहीं करेंगे, बल्कि कार्यक्रमों के अनुसार बजट की डिमांड करेंगे। साथ ही बजट दुगना और तिगुना भी किया जा सकता है, लेकिन उद्देश्य यही रहेगा कि अकादमी के सभी नियमों और उद्देश्यों की पालना की जाए। पांच साल में कलाकारों और लाइब्रेरी को जो नुकसान हुआ है उसे दोबारा डवलप किया जाएगा। पांड्या कि इन बातों से कलाकारों को एक बार फिर उम्मीद की किरण नजर आई।
ये रहे मौजूद
ऐसे में ज्यादातर कलाकार अकादमी अध्यक्ष के इस संवाद कार्यक्रम से सहमत दिखे, वहीं कुछेक कलाकारों ने दबी-जुबान में कहा कि करीब पांच साल बाद राजस्थान संगीत नाटक अकादमी को आखिरकार अपना अध्यक्ष मिल ही गया, लेकिन सिर पर चुनाव है, ऐसे में अकादमी अध्यक्ष अपने कार्यकाल में कला का कितना भला कर पाएंगे, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। संवाद कार्यक्रम में पद्मश्री सारंगी वादक उस्ताद मोईनउद्दीन खान, वरिष्ठ ध्रुवपद गायिका डॉ.मधु भट्ट तैलंग, पखावज वादक डॉ.प्रवीण आर्य, वरिष्ठ गायक पं.हनुमान सहाय, पं.आलोक भट्ट, सितार वादक पं.हरिहरण शरण भट्ट, वरिष्ठ रंगकर्मी साबिर खान, राजेंद्र शर्मा उर्फ राजू, हिमांशु झांकल, अनिल मारवाड़ी, असलम कुरैशी सहित कलाप्रेमी पन्ना राणा आदि भी मौजूद रहे। इससे पूर्व में उप महापौर मनीष पारीक ने भी कलाकारों की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
Published on:
05 Jul 2018 04:06 am
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