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कर्नाटक में फेल, हिमाचल में नहीं चला दाव, क्या राजस्थान में होगा चमत्कार

साल के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस की सरकार है, वहीं एमपी में भाजपा की सरकार है। तीनों ही जगहों पर दोनों पार्टियां सरकार रिपिट होने का दावा कर रही है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Jun 03, 2023

कर्नाटक में फेल, हिमाचल में नहीं चला दाव, क्या राजस्थान में होगा चमत्कार

कर्नाटक में फेल, हिमाचल में नहीं चला दाव, क्या राजस्थान में होगा चमत्कार

जयपुर। साल के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस की सरकार है, वहीं एमपी में भाजपा की सरकार है। तीनों ही जगहों पर दोनों पार्टियां सरकार रिपिट होने का दावा कर रही है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गुटबाजी और आपसी खींचतान दोनों ही पार्टियों के लिए गले की हड्डी बनी हुई हैं। ऐसे में रिपिट करना आसान नजर नहीं आ रहा है।

भाजपा ने भी कर्नाटक और हिमाचल में सरकार रिपिट करने का दावा किया था। मगर दोनों ही जगह पार्टी फेल रही है। इन दोनों राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के हाथ सत्ता लगी। ऐसे में राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का सरकार रिपिट करने का दावा कितना सही होगा ये चुनाव नतीजों से सामने आ जाएगा।

हर पांच साल में बदला जनता का मैंडेट

राजस्थान का ट्रैक रिकॉर्ड उठाकर देखें हर पांच साल में जनता का मैंडेट बदलता रहा है। 1993 से लगातार एक बार भाजपा एक बार कांग्रेस की सरकार बनती आ रही है। विकास कार्यों के आधार पर हर पार्टी की सरकार रिपिट करने का दावा करती रही है, लेकिन नतीजे हमेशा उलट रहे। ऐसे में इस बार के चुनाव पर सभी की नजर है कि क्या अपनी योजनाओं के दम पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार रिपिट करा पाएंगे।

यह भी पढ़ें:-कौन होगा राजस्थान में भाजपा का सीएम फेस, क्या पार्टी बदलेगी चुनावी रणनीति ?

1993 से एक बार भाजपा एक बार कांग्रेस

1993 से अब तक रिकॉर्ड देखा जाए तो एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस की सरकार बनती आई है। 1993 से 1998 तक जहां भैरोसिंह शेखावत मुख्यमंत्री थे, वहीं 1998 से 2003, 2008 से 2013 और 2018 से वर्तमान में अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं। इसी तरह 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री पद पर आसीन रही।

दोनों पार्टियों की राह आसान नहीं

इस बार का चुनाव रोचक होने वाला है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान सरकार रिपिट कराने में परेशानी बन सकती है। वहीं भाजपा में सीएम फेस को लेकर लड़ाई चल रही है। हालांकि पार्टी अब तक यही कह रही है कि इस बार का विधानसभा चुनाव पीएम मोदी के फेस पर लड़ा जाएगा। ताकि गुटबाजी से बचा जा सके।