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अब रट्टा मार प्रणाली से नहीं चलेगा काम

उच्च शिक्षण संस्थानों में बदलेगा मूल्यांकन का तरीका, मूल्यांकन पर उठ रहे थे सवाल, यूजीसी ने किया बदलाव
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Dec 27, 2019

Assessment method will change in higher educational institutions

अब रट्टा मार प्रणाली से नहीं चलेगा काम

जयपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शोध को बढ़ावा देने के लिए हाल ही बड़ा बदलाव किया है। अब रट्टा मार प्रणाली से काम नहीं चलेगा। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मूल्य प्रवाह, सतत केयर और मूल्यांकन सुधार के लिए हाल ही दिशा निर्देश जारी किए हैं। जानकारों के अनुसार इसका असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। इसमें करीब 3 साल का समय लगेगा।
यूजीसी मूल्यांकन सुधार को लेकर अब शैक्षिक, नैतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक संवेदनशीलता और गुणवत्ता पर फोकस रखेगा। सवाल के साथ दिए जाने वाले जवाबों का भी इसी आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

इन पर होगा काम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 5 नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यार्थियों के मूल्यांकन को बेहद महत्वपूर्ण माना है। मूल्यांकन प्रणाली को अब लर्निंग आउटकम से जोड़ा जाएगा। अब सिर्फ रटटामार प्रणाली से काम नहीं चलेगा। अब अंकों की जगह ग्रेडिंग सिस्टम पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही जर्नल्स की शुरुआत के लिए यूजीसी केयर की शुरुआत की गई है।
इसी तरह शैक्षणिक संस्थानों में मानवीय मूल्यों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मूल्य प्रवाह नाम से दिशा निर्देश जारी किए हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए गुरु दक्षता कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें शिक्षकों को एक महीने का इंडक्शन प्रोग्राम अनिवार्य किया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत कैंपस के नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है।