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वैज्ञानिकों का ‘दावा’… पृथ्वी पर ‘जीवन’ अंतरिक्ष से आया!

रिसर्च : ऐस्टरॉइड 'रयुगु' के पत्थरों में मिले ऑर्गेनिक कंपाउंड। रयुगु से डार्क-ग्रे रंग के इन पत्थरों को पृथ्वी पर 2020 में वापस लाया गया था।
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जयपुर

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Aryan Sharma

Mar 23, 2023

वैज्ञानिकों का दावा... पृथ्वी पर 'जीवन' अंतरिक्ष से आया!

वैज्ञानिकों का दावा... पृथ्वी पर 'जीवन' अंतरिक्ष से आया!

टोक्यो. एक क्षुद्रग्रह (ऐस्टरॉइड) के सैंपलों में दो ऐसे तत्व मिले हैं, जो धरती पर जीवन के लिए आवश्यक हैं। इस खोज से इस धारणा को बल मिला है कि धरती पर जीवन के लिए जरूरी तत्वों में से कुछ अरबों साल पहले क्षुद्रग्रहों की वजह से आए हों। दरअसल, जापान की अंतरिक्ष एजेंसी के 'हायाबुसा 2' स्पेसक्राफ्ट (Japanese Space Agency's Hayabusa2 spacecraft ) ने 2019 में ऐस्टरॉइड 'रयुगु' (Asteroid Ryugu) के दो स्थानों से पत्थर यानी चट्टानों के टुकड़े हासिल किए थे।
वैज्ञानिकों ने अब बताया है कि उन्हें इन पत्थरों में यूरेसिल (Uracil) और नियासिन (Niacin) नाम के दो ऑर्गेनिक कंपाउंड (Two organic compounds) मिले हैं। यूरेसिल आरएनए के केमिकल बिल्डिंग ब्लॉकों में से एक होता है। आरएनए वह मॉलिक्यूल होता है, जो जीवों के निर्माण और संचालन के लिए निर्देश देता है। नियासिन को विटामिन बी3 या निकोटिनिक एसिड (Nicotinic acid) के नाम से भी जाना जाता है और यह मेटाबॉलिज्म (Metabolism) के लिए बेहद जरूरी होता है।

2020 में धरती पर लाए गए थे
रयुगु धरती से 25 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित है और वहां से डार्क-ग्रे रंग रंग के इन पत्थरों को पृथ्वी पर 2020 में वापस लाया गया था। इन्हें लाने वाला कैप्सूल ऑस्ट्रेलिया में उतरा था और फिर इन्हें वहां से अध्ययन के लिए जापान ले जाया गया। वैज्ञानिक लंबे समय से यह सोचते रहे हैं कि करीब 4.5 अरब साल पहले धरती पर जीवन की शुरुआत के लिए क्या-क्या हालात आवश्यक रहे होंगे। यह खोज इस अवधारणा से मेल खाती है कि तब धरती से टकराने वाले धूमकेतु, क्षुद्रग्रह, उल्कापिंड जैसे खगोलीय पिंड धरती पर ऐसे कंपाउंड लेकर आए, जिनकी मदद से पहले जीवाणुओं का जन्म हुआ।
वैज्ञानिकों को इससे पहले धरती पर मिलने वाले और कार्बन से भरपूर उल्कापिंडों में महत्त्वपूर्ण ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल मिले थे। लेकिन, साथ ही यह सवाल भी था कि कहीं ये पिंड धरती पर गिरने के बाद यहां के वातावरण से संपर्क में आने की वजह से दूषित न हो गए हों।

धरती के शुरुआती समय में पहुंचे हों
जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' (Journal Nature Communications) में छपे शोध के मुख्य लेखक और जापान में होक्काइडो यूनिवर्सिटी (Hokkaido University in Japan) के एस्ट्रोकेमिस्ट यासुहिरो ओबा (Astrochemist Yasuhiro Oba) ने बताया, 'हमारी मुख्य खोज यह है कि यूरेसिल व नियासिन परग्रही पर्यावरणों में मौजूद हैं और संभव है कि क्षुद्रग्रहों व उल्कापिंडों का हिस्सा बन कर ये धरती के शुरुआती समय में यहां पहुंच गए हों। हमें लगता है कि इनकी धरती पर प्रीबायोटिक विकास (Prebiotic evolution) में और संभवत: जीवन की शुरुआत में भूमिका थी।'

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