
चोरी की गाड़ी की व्यवस्था नहीं हुई, वरना लूट ले जाते एटीएम
जयपुर. एटीएम लूट की फिराक में आए 7 आदतन अपराधी वारदात कर पाते उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों के पास से आधा दर्जन से ज्यादा पिस्टल व देसी कट्टे बरामद किए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी हत्या, लूट जैसे संगीन अपराधों में लिप्त हैं और जेल काट चुके हैं।
पुलिस उपायुक्त पूर्व अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि फुलेरा थाना क्षेत्र में हत्या के मामले में चालानशुदा अपराधी फुलेरा निवासी छीतर मल काटवा (30) की कई दिनों से निगरानी की जा रही थी। रविवार रात को करधनी थाना इलाके में पुलिस ने शांति बाग मैरिज गार्डन के पास छतीर की तलाशी ली तो उसके पास एक अवैध देसी पिस्टल व दो जिंदा कारतूस बरामद किए। उससे पूछताछ में सामने आया कि वह अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा है और हाल ही में कई लोगों को उसने हथियार दिए हैं। पुलिस ने अन्य लोगों की जानकारी जुटाई और टीम बनाकर के कालाडेरा निवासी मुकेश जाट (28), नरवाना हरियाणा निवासी मोहन सिंह उर्फ मोनू (30), पवन उर्फ पोना (36), धावास करणी विहार निवासी मनोहर उर्फ विक्की (35), गिरधारीपुरा निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतु (42) और ढोढसर गोविंदगढ़ निवासी हरलाल (30) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से चार अवैध पिस्टल, दो देसी कट्टे व तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
किराए पर लिया कमरा
करधनी थानाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपियों ने करीब तीन महीने पहले ही कनकपुरा इलाके में किराए पर कमरा लिया था। छीतर के पकड़े जाने के बाद कमरे पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले। बाद में उनकी कॉल डिटेल और ठिकानों का पता लगाकर के अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया। यह किराए पर लिए कमरे पर आकर ही प्लानिंग करते थे।
प्लानिंग रह गई अधूरी
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वह कनकपुरा फाटक के पास ही एक एटीएम लूट की वारदात की फिराक में थे। इन्होंने योजना बनाई थी कि एटीएम को लोहे की जंजीर से बांधकर चौपहिया गाड़ी से खींचकर तोड़कर ले जाते। योजना के अनुसार पवन उर्फ पोना को चोरी की चौपहिया पिकअप या कैंपर की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी थी। गाड़ी का इंतजाम नहीं होने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे थे।
हत्या, लूट के मामलों में काट चुके जेल
गिरफ्तार आरोपियों का संगीन अपराधों में लिप्तता सामने आई है। वाहन चोरी, लूट और हत्या के मामले में जेल भी काट चुके हैं। अभी पुलिस ने आम्र्स एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1. छीतरमल काटवा 2009 में फुलेरा में अपने ही गांव के रामनिवास बरडवाल की हत्या के मामले में चार साल जेल काटकर जमानत पर छूटा था।
२. मोहन उर्फ मोनू वर्ष 2009 में दूदू थाना इलाके में अपने साथी ट्रक ड्राइवर सुरेश की हत्या के मामले में जयपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। गत 17 जुलाई को पैरोल पर बाहर आया था और 5 अगस्त को पुन: जेल उपस्थित होना था।
3. पवन उर्फ पोना मुरलीपुरा व विश्वकर्मा थाने के कई मामलों में स्थाई वारंटी है। पवन मोहन सिंह का सगा भाई है। उसने परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण भाई की पैरवी के लिए अपराध करना बताया। वर्ष 2013 में वह मुरलीपुरा में ट्रक लूट के दो मामलों पकड़ा गया था। वहीं 2014 में वाहन चोरी व 2017 में हरियाणा में आगजनी में पकड़ा जा चुका है।
4. मुकेश जाट वर्ष 2012 में कालाडेरा इलाके में शंकर कुमावत की गाड़ी लूटकर हत्या के मामले में चार साल जयपुर जेल में बंद रहा था। छूटने के बाद वह 2016 में मुरलीपुरा इलाके में डकैती की योजना बनाते पकड़ा गया था। वहीं जितेन्द्र कुमावत के विरुद्ध नरैना व दूदू इलाके और मनोहर के विरुद्ध वैशाली नगर इलाके में मारपीट के मामले दर्ज हैं।
Published on:
27 Aug 2018 06:03 pm
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